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हेपेटाइटिस सी के जिले में 4020 रोगी, रानियां में है सबसे अधिक संख्या

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जिला में हेपेटाइटिस पांव पसार रहा है और मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में वर्ष 2017 से हेपेटाइटिस मरीजों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसके तहत 4020 मरीजों की पहचान हो चुकी है। हेपेटाइटिस बी के 181 रोगी है। सिरसा जिले में रानियां क्षेत्र में हेपेटाइटिस के रोगियों की तादाद सबसे अधिक है। हेपेटाइटिस सी सूई व सीरिंज के दोबारा प्रयोग करने पर हो सकता है। इसके अलावा पहले प्रयोग की गई सूई से टेटू बनवाने अथवा नाक कान छिदवाने से हो सकती है। दूसरे व्यक्ति के रेजर, ब्लेड्स, नेल कटर, टूथ ब्रुश के प्रयोग से हो सकता है। इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंधों के द्वारा भी हेपेटाइटिस सी फैलने की संभावना होती है। हेपेटाइटिस रोगियों में यह भी सामने आया है कि डेंटिस्ट के द्वारा दांतों के इलाज के दौरान रूट कनाल ट्रीटमेंट, जाड़ भरना इत्यादि में भी मशीन पर एक ही सूई का प्रयोग होता है, इससे भी हेपेटाइटिस सी होने का खतरा रहता है।
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यह है मुख्य लक्षण- बुखार
- थकान - हमेशा थकावट महसूस करना
- भूख न लगना
- मतली व उलटी होना
- पेट में दर्द
- गाढ़े रंग का मूत्र
- मिट्टी के रंग जैसा मल
- जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द
- पीलिया (त्वचा या आंखों में पीलापन)
नागरिक अस्पताल में मरीजों का होता है मुफ्त में इलाज
हेपेटाइटिस सी के इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस की जांच, परीक्षण व इलाज की सुविधाएं नागरिक अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध है। मरीजों को जांच करवाने के लिए कूपन दिया जाता है जिसके माध्यम से अनुबंधित निजी लैब से जांच होती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज का इलाज शुरू किया जाता है जोकि तीन से छह महीने तक चलता है। नागरिक अस्पताल में फ्री है।
शरीर में हेपेटाइटिस के लक्षण दिखाई दे तो नागरिक अस्पताल में पहुंच कर जांच करवाएं। समय पर जांच न करवाने पर हेपेटाइटिस सी लीवर सीरोयसिस में बदल जाता है यानी लीवर का कैंसर हो जाता है।
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डॉ. मनीष धुड़िया, नागरिक अस्पताल सिरसा
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