सिरसा। गबन के मामले में फंसे निलंबित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए शनिवार को याचिका दायर की। इस मामले में अब सुनवाई 11 मई को सुनवाई होगी।
बीडीपीओ सिरसा रवि कुमार, बीडीपीओ ओढां ओम प्रकाश व बीडीपीओ रानियां अनिल कुमार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। अगली सुनवाई 11 मई तय की गई है। जांच में खुलासा हुआ था कि अधिकारियों ने हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग को तीन करोड़ 36 लाख से अधिक धनराशि की चपत लगाई है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एक मई को सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
ये है पूरा मामला : बनते थे 5 करोड़ और अदायगी की 9 करोड़ से अधिक
शिकायत में विकास एवं पंचायत विभाग ने बताया कि सिरसा जिला के विभिन्न खंडों में हाईमास्क सोलर लाइट लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा खरीद की गई थी। इस खरीद से संबंधित शिकायत विभाग को मिली, जिसके पश्चात खरीद की जांच गुणवत्ता नियंत्रण एवं चौकसी सेल से करवाई गई। आठ अप्रैल 2022 को विजिलेंस सेल के अधीक्षक अभियंता ईश्वर सिंह ने विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी, जिसमें बताया गया कि लाइटों की खरीद के लिए 9 करोड़ 20 लाख 19 हजार 778 रुपये की अदायगी की गई है, जबकि असेसमेंट के अनुसार इनकी कीमत 5 करोड़ 83 लाख 27 हजार 264 रुपये बनती थी। इस प्रकार आरोपी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों ने विभाग को तीन करोड़ से अधिक का वित्तीय नुकसान पहुंचाया है।
20 अप्रैल को महानिदेशक ने किया था निलंबित
विकास एवं पंचायत विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी एवं महानिदेशक ने 20 अप्रैल 2022 को सिरसा बीडीपीओ रवि कुमार, ओढां बीडीपीओ ओम प्रकाश, चोपटा बीडीपीओ विवेक कुमार व रानियां बीडीपीओ अनिल कुमार सहित एपीओ सुभाष कुमार को निलंबित करके इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए गए।