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सिरसा: स्थास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू वार्ड का किया निरीक्षण, मरीज बोला- दो दिन से नहीं लगी बेड पर मच्छरदानी

Tue, 09 Nov 2021 10:34 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा(हरियाणा) 

सार

डेंगू के बढ़ते मामलों के कारणों का पता लगाने के लिए मंगलवार को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और पंचकूला मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग की टीम सिरसा पहुंची। टीम ने मरीजों से हालचाल जाना, इस दौरान एक मरीज ने अस्पताल में सुविधाओं की अभाव को भी गिनवाया। वहीं डॉक्टरों ने टीम के समक्ष डेंगू जांच किट दिए जाने की मांग रखी। 
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अस्पताल में मरीज का स्वास्थ्य पूछते टीम सदस्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सिरसा जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंगलवार को दिल्ली से केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और पंचकूला मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग की टीम सिरसा के नागरिक अस्पताल में पहुंची। टीम के सदस्यों ने नागरिक अस्पताल में बने डेंगू वार्ड का निरीक्षण और मरीजों का स्वास्थ्य भी जाना। वहीं एक मरीज ने दो दिन से अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी बेड पर मच्छरदानी न लगने, हिट स्प्रे का छिड़काव न होने और कूड़ेदान भी भरे रहने की शिकायत दी। जिसके बाद टीम अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से जवाब भी मांगा।

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जिले में हर रोज डेंगू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसके चलते आंकड़ा बढ़कर 661 तक पहुंच गया है। डेंगू के बढ़ते मामलों के कारणों को जानने के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और पंचकूला मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को नागरिक अस्पताल में पहुंची। टीम सदस्यों ने मलेरिया विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।

टीम ने डेंगू मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए प्रबंधों की स्थिति जानी और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यालय से आई टीम में बीबीडी विभाग के उपनिदेशक डॉ. राकेश सैनी, एनसीडीसी से डॉ. श्वेता, डॉ. नीरज, डॉ. अपराजिता सिंगला शामिल रहे। उन्होंने पीएमओ डॉ. मंजीत सिंह, मलेरिया विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. हरसिमरण सिंह, जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार के साथ बैठक की।
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डॉ. राकेश सैनी ने कहा कि प्रदेश में डेंगू के मामले बढ़े हैं। डॉ. ने डेंगू बढ़ने का कारण बताया कि हर चार साल के बाद डेंगू का चक्कर पूरा होता है और मामले बढ़ते हैं। इस बार पंजाब में हरियाणा के मुकाबले ढाई गुणा मामले हैं। सरकार द्वारा डेंगू पीड़ितों के लिए प्रबंध किए गए हैं। हरियाणा में सरकार अस्पतालों में भर्ती डेंगू पीड़ितों को एसडीपी मुफ्त उपलब्ध करवाया जा रहा है।

बैठक में अधिकारियों ने डेंगू जांच किट दिए जाने की रखी मांग 
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग की ओर से सैंपलिंग प्रक्रिया भी तेजी से बढ़ाई गई है। ऐसे में एलाइजा किटों की कमी होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने टीम के समक्ष डेंगू जांच किटों की मांग रखी। जिसके बाद उपनिदेशक ने डॉक्टरों को डिमांड किए जाने की बात कही और जल्द ही किट पहुंचाने का आश्वासन दिया। 

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मरीजों से पूछा घर के आसपास कहीं पानी तो जाम नहीं 
डेंगू वार्ड में में पहुंचे टीम के सदस्यों ने मरीजों से बातचीत कर उनका स्वास्थ्य जाना। वहीं डॉक्टर ने मरीजों के घर और आसपास में पानी जमा होने संबंधित जानकारी भी ली। इस दौरान एक मरीज के परिजनों ने बेटे के फतेहाबाद आने जाने और दूसरे मरीज ने अज्ञात कारणों से डेंगू होने की जानकारी दी। टीम सदस्यों ने बेड पर लगी मच्छरदानी को दिन में भी लगाए रखने की बात कही और उसकी क्वालिटी भी जानी। इसके बाद टीम के सदस्यों ने वार्ड में बने शौचालय का भी निरीक्षण किया। यहां स्थिति सामान्य मिली।

डबवाली में भी निरीक्षण करने पहुंची टीम
नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद टीम शहर के कीर्तिनगर क्षेत्र में पहुंची। कीर्तिनगर में टीम ने घरों में पहुंचकर लारवा की तलाश की। इसके बाद कीर्तिनगर स्थित सरकारी स्कूल में पानी की टंकियों और उसे आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। हालांकि टीम को इनमें से किसी भी स्थान पर लारवा नहीं पाया। जिसके बाद टीम डबवाली में निरीक्षण करने के लिए पहुंची।

मंगलवार को मिले 22 केस, 661 पर पहुंच आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रोज 80 से अधिक डेंगू के सैंपल लिए जा रहे है। इनमें से 20 से अधिक डेंगू मरीज पाए जा रहे हैं। मंगलवार को जिले में 22 नए डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई है। जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा बढ़कर अब 661 तक पहुंच गया है। नागरिक और निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की ओर से हर रोज शहर के अलग-अलग स्थानों पर फॉगिंग भी कर्रवाई जा रही है। 

लाइसेंस के अभाव में शुरू नहीं हुई नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट मशीन 
वर्ष 2017 से नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट मशीन इंस्टॉल करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसके तीन वर्ष 2020 में कंपोनेंट मशीन नागरिक अस्पताल में इंस्टॉल कर दी गई। लेकिन मशीन को शुरू करने के लिए लाइसेंस न मिलने के कारण यह नागरिक अस्पताल में पड़ी धूल फांक रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में  केंद्र सरकार से अनुमति मांगी गई है लेकिन अभी तक लाइसेंस जारी नहीं हो पाया। जिसके कारण मरीजों को दूसरे ब्लड बैंकों से प्लेटलेट्स और अन्य कंपोनेंट लेने पड़ते है। 
ब्लड कंपोनेंट मशीन के उपकरण इंस्टॉल करने के बाद सक्षम अधिकारी द्वारा निरीक्षण करने उपरांत लाइसेंस महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है, जोकि अभी प्रोसेस में हैं। लाइसेंस जारी होने के साथ ही ब्लड सेंटर में कंपोनेंट की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यह मशीन केवल ब्लड कंपोनेंट के लिए है, न कि सिंगल डोनर प्लेटनेस (एसडीपी) के लिए।  -डॉ. मंजीत सिंह, पीएमओ, नागरिक अस्पताल सिरसा।
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