फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किशोरों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गठित की 11 टीमें, डॉक्टर की निगरानी में चलेगा अभियान

विज्ञापन
शिविर में वैक्सीन लगवाता व्यक्ति - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
सिरसा। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने तीन तरफ से तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां एक ओर सैंपलिंग बढ़ा दी है वहीं दूसरी ओर टीकाकरण भी तेज कर दिया है। अब किशोर-किशारियों के टीकाकरण के लिए शिक्षा विभाग से संपर्क साधा है। साथ ही टीकाकरण के लिए 11 टीमों का गठन भी कर दिया गया है। दो डॉक्टरों की निगरानी में किशोरों का टीकाकरण होगा और 3 जनवरी से अभियान शुरू होगा। वहीं अस्पताल में भी फाल्ट ढूंढकर ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कर दिया गया है और ड्राई रन यानी ट्रायल सफल रहा है।
विज्ञापन

ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट की आशंका के बीच कोरोना जिले में एक बार फिर पांव पसारने लगा है। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी एक्शन मोड में आ गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है ताकि पिछली बार की तरह परेशानियों का सामना ना करना पड़े। इसके लिए विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही है। शनिवार से सार्वजनिक स्थानों पर बिना टीकाकरण वालों की एंट्री पर रोक लगाने का नियम लागू कर दिया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी टीकाकरण बढ़ाने के लिए कहा गया है।
किशोर-किशोरियों का टीकाकरण कल से, 11 टीमें गठित
किशोर-किशोरियों को 3 जनवरी से टीकाकरण शुरू होगा। उन्हें केवल कोवाक्सिन की डोज दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने मिलकर काम शुरू कर दिया है। बच्चों की संख्या पता की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले दिन अभियान चलाने के लिए शुरुआती तौर पर 11 टीमों का गठन किया है। प्रत्येक टीम में 1-1 महिला और पुरुष डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक एएएनएम सहित अन्य स्टाफ होगा। टीकाकरण से पहले विद्यार्थियों की काउंसिलिंग भी की जाएगी। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि पहले दिन सोमवार को जिले के प्रत्येक खंड में अभियान चलेगा। स्कूलों में जाकर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन

अस्पताल में तैयारियां : फाल्ट ढूंढकर शुरू किया ऑक्सीजन प्लांट, ट्रायल भी रहा सफल
नागरिक अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। ऐस में तकनीशियन को बुलाकर फाल्ट ढूंढा गया। पता चला है कि कंट्रोल नहीं लगाया गया था। इस कारण ज्यादा प्रेशर से पाइप फट रही थी। ऐसे में अब कंट्रोलर स्थापित कर दिया गया। इसके बाद प्लांट को चालू कर दिया गया है। प्लांट से निकलने वाली ऑक्सीजन का ड्राई रन यानी ट्रायल भी किया गया। ऑक्सीजन की सप्लाई अलग-अलग वार्डों के बेड तक की गई। इस लाइन से 16 वेंटिलेटर और 32 प्वाइंट तक ऑक्सीजन भेजी गई। पीएमओ डॉ. मनजीत ने बताया कि ड्राई रन सफल रहा है और निर्बाध रूप से ऑक्सीजन सभी प्वाइंट तक पहुंची। हालांकि इन बेड पर मरीज नहीं थे, लेकिन ट्रायल किया गया ताकि जरूरत के समय दिक्कत ना हो। उन्होंने बताया कि अब ऑक्सीजन प्लांट चालू हो गया है।
कॉलेज जाने से पहले छात्रा ने कराई कोरोना जांच तो मिली पॉजिटिव
जिले में शनिवार को कोरोना का एक और संक्रमित मिला है। संक्रमित छात्रा चोपटा क्षेत्र से है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छात्रा चंडीगढ़ पढ़ती है। छात्रा अपने घर आई हुई थी। अब उसे वापस जाना था लेकिन कॉलेज का नियम था कि रिपोर्ट लेकर आएं। इसके लिए जांच करवाई तो वह पॉजिटिव मिली। अब उसके संपर्क में आने वालों के सैंपल लिए जा रहे हैं। फिलहाल जिले में कोरोना के 4 एक्टिव केस हैं।
कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग की जा रही है। जो भी संक्रमित मिलता है, उसके संपर्क में आने वालों को ट्रेस करके जांच की जाती है। शनिवार को एक छात्रा कोरोना संक्रमित मिली है। उसका इलाज शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन

-डॉ. हरसिमरन सिंह, नोडल अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें