गांव जंडवाला जटान में ओलावृष्टि से नष्ट हुई नरमे की फसल।
ओढ़ां। तेज आंधी के कारण वीरवार को बरसात के साथ-साथ ओलावृष्टि भी कई गांवों में हुई। गांव जंडवाला जटान, मलिकपुरा, किंगरे व चोरमारखेड़ा सहित साथ लगते कुछ अन्य क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं, पीडि़त किसानों ने सरकार से हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की गुहार लगाई है। आंधी के कारण सड़कों व अन्य जगहों पर अनेकों वृक्ष व बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। घरों में शेड व छत पर लगे सोलर पैनल भी उखड़कर उड़ गए।
गांव जंडवाला जटान के किसान साहब सिंह, नाहर सिंह, मलकीत सिंह, सरदूल सिंह, जोगिंदर सिंह व सोहन लाल, गांव मलिकपुरा के किसान इकबाल सिंह, जगदेव सिंह व बलवीर सिंह तथा गांव किंगरे के किसान तारा सिंह, बलराज सिंह व लब्बी सिंह आदि ने बताया कि बीते वीरवार को देर सायं अचानक मौसम बिगडऩे के बाद आंधी आई और फिर बरसात के साथ करीब 15 मिनट तक काफी ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में खड़ी नरमे, ग्वार व हरे चारे की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
किसानों ने बताया कि जब वे सुबह खेतों में गए तो स्थिति देखकर सन्न रह गए। ओलावृष्टि ने नरमे की फसल पर से सभी पत्ते झाड़ दिए और मात्र डंडी रह गई तथा काफी पौधे तो मिट्टी में दब गए। वहीं ग्वार व ज्वार की फसल को भी ओलावृष्टि ने तहस-नहस कर दिया। किसानों ने बताया कि बिजाई के बाद से उन्होंने समय-समय पर सिंचाई कर जैसे-तैसे कर फसल को बचा रखा था, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत, अरमानों और हुए खर्च पर पानी फेर दिया।