सिरसा। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मंगलवार को भाजपा-जजपा का गठबंधन टूटने का असर सिरसा में भी देखने को मिला। सिरसा में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और गठबंधन सरकार में बिजली मंत्री रहे उनके दादा चौधरी रणजीत सिंह के आवास पर दोपहर तक सन्नाटा पसरा रहा लेकिन शाम को जैसे ही रणजीत चौटाला नायब सैनी के मंत्रिमंडल में मंत्री बने, उनके घर आतिशबाजी शुरू हो गई। वहींं, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास पर देर शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। पद से हटते ही दुष्यंत चौटाला के आवास से सुरक्षा हटा दी गई। जहां पर 24 घंटे पहले तक चहल-पहल थी और कार्यकर्ताओं का आवागमन था। मंगलवार को अचानक सब बंद हो गया। वहीं चौधरी रणजीत को दोबारा मंत्री पद मिलने से उनके कार्यकर्ताओं और हलके के लोगों ने खुशियां मनाई।
कांडा समर्थक हुए निराश
हलोपा के विधायक गोपाल कांडा को मंत्री पद मिलने की चर्चा दिन भर चलती रही। हर चौक-चौराहे पर गोपाल कांडा को लेकर चर्चाएं थी। लोग कह रहे थे कि सिरसा में पहले दो मंत्री थे, अब भी दो रह जाएंगे। गोपाल कांडा भी मंत्री पद की शपथ लेंगे लेकिन शाम तक माहौल पूरी तरह से बदल गया। गोपाल कांडा के समर्थकों में निराशा दिखी।
देवीलाल परिवार को साधने का प्रयास
चौधरी रणजीत सिंह और दुष्यंत चौटाला दोनों चौधरी देवीलाल के परिवार से आते हैं। दोनों को प्रदेशभर की जनता का भरपूर समर्थन मिलता है। ऐसे में भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने के बाद भाजपा देवीलाल परिवार को साथ रखना चाहती थी ताकि देवीलाल परिवार से जुड़े समर्थकों पर ज्यादा असर न पड़े। इस सोच का फायदा रणजीत को मिला और वे एक बार फिर मंत्री बनने में सफल रहे। चर्चा यह भी है कि जजपा के अलग होने के बाद हिसार लोकसभा सीट को लेकर चौधरी रणजीत सिंह दोबारा दावेदारी पेश करते नजर आ सकते हैं।