जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली। ऐसे में बहुमत से दूर भाजपा से सिरसा के हलोपा नेता व विधायक गोपाल कांडा व रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह, भाजपा के हरियाणा प्रभारी अनिल जैन से मुलाकात कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रणजीत सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा के समर्थन देने की बात कह रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने पर जिले में उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनके मंत्री पद मिलने की चर्चाएं शुरू कर दी है। वहीं गोपाल कांडा के भी भाजपा को समर्थन देने पर उनके समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर उनके मंत्री पद मिलने की चर्चाएं शुरू कर दी। लेकिन दोपहर होते होते एयरहोस्टस गीतिका सुसाइड कांड के आरोपी गोपाल कांडा द्वारा भाजपा को समर्थन देने की खबरों पर राजनीतिक गलियारों में इसका विरोध होना शुरू हो गया। खुद भाजपा नेत्री उमा भारती ने भी गोपाल कांडा को सरकार में शामिल करने पर नाराजगी जताई। ऐसे में शाम होते-होते गोपाल कांडा के मंत्री पद प्राप्त करने और सरकार में शामिल होने की चर्चाओं पर विराम लग गया। ऐसे में गीतिका सुुसाइड कांड के कारण आरोपी गोपाल कांडा के पास मंत्री पद आता-आता चला गया। वहीं बीते दिनों गोपाल कांडा के साथ चार्टर प्लेन में जाने वाले रानियां के निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह भी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मीडिया से बातचीत में गोपाल कांडा के बारे में कुछ भी कहने से बचते रहे। रणजीत सिंह ने कहा कि उसने भाजपा को समर्थन दिया है।
दोनों ही विधायक कर चुके हैं भाजपा का समर्थन
वहीं गोपाल कांडा 2009 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव जीते थे। इसके बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के पास बहुमत न होने पर समर्थन देकर गृह मंत्री बन गए। 2014 विधानसभा चुनाव में उन्हें इनेलो के मखन लाल सिंगला से पराजय का सामना करना पड़ा था। ऐसे में 2019 में हलोपा नेता गोपाल कांडा दोबारा विजयी हुए। ऐसे में उनके समर्थकों ने उनके मंत्री पद बनने की चर्चाओं को जन्म दे दिया। लेकिन गीतिका सुसाइड कांड के आरोपी होना उनके सरकार में शामिल होने की संभावनाओं में रोड़ा बन गया। रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह 1987 में विधायक बने थे। इसके बाद वे कभी कोई चुनाव नहीं जीत पाए। पिछले दो चुनाव तो लगातार रानियां से विधानसभा की टिकट पर हारे। ऐसे में इस जीत के बाद उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें मंत्री पद मिलने की चर्चाएं शुरू कर दी।
पांच में से जिले में नहीं कोई विधायक
जिले में पांच विधानसभा सीटों पर दो कांग्रेस के, एक हलोपा, एक इनेलो व एक निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। गोपाल कांडा व रणजीत सिंह तो वीरवार मतगणना होने के बाद से ही सांसद सुनीता दुग्गल के साथ चार्टर प्लेन में दिल्ली रवाना हो गए। रणजीत सिंह तो जीत के बाद अपने विधानसभा क्षेत्र रानियां में धन्यवादी जलूस भी नहीं निकाल पाए। वहीं शुक्रवार को अभय सिंह चौटाला, कांग्रेस के कालांवाली से विधायक शीशपाल व डबवाली विधायक अमित सिहाग भी जिले में नहीं थे।