सिरसा। बिश्नोई मंदिर में सात दिवसीय जांभाणी संस्कार शिविर का समापन रविवार को किया गया। इस दौरान गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान बिश्नोई सभा, सिरसा ने प्रो. नरसी राम बिश्नोई को बिश्नोई गौरव अवाॅर्ड से सम्मानित किया।
जिला प्रधान खेमचंद बैनीवाल ने बताया कि प्रो. नरसी राम अल्प समय के लिए चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति बने थे और उन्होंने बिश्नोई समाज की मांग पर विश्वविद्यालय के एक भवन का नामकरण माता अमृता देवी के नाम पर किया था, जोकि बिश्नोई समाज के लिए बड़े ही गौरव की बात है। इस मौके पर सीडीएलयू के एक्सईएन राकेश गोदारा, सीएमओ डाॅ. एमके भादू, ओपी बिश्नोई, भूप सिंह कसवां, सविता खिचड़, देशकमल सीगड़, भूप सिंह सीगड़, जगदीश तरड़, योगेश सीगड़, कृष्ण लाल बैनीवाल आदि मौजूद रहे।
नई पीढ़ी को संस्कारी बनाने के लिए शिविर जरूरी : प्रो. बिश्नोई
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति के रंग में रंगकर संस्कारों को भूलती जा रही है। युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविरों के आयोजन का उद्देश्य यही है कि युवाओं को बिश्नोई पंथ के 29 नियमों के बारे में पूर्ण जानकारी मिले, समाज के इतिहास के बारे में युवा जानें। इसके साथ-साथ बढ़ रहे नशे के प्रचलन संबंधी सवाल के जवाब में कुलपति ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन की भांति नशा भी समाज के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। सरकार जिम्मेदारी से अपना काम कर रही है, लेकिन सरकार के साथ-साथ इसके लिए हम सभी को मिलकर युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करना होगा और इस प्रकार के शिविरों से अवगत करवाना होगा, ताकि वे नशे से ध्यान हटाकर अपने आप को एक अच्छा नागरिक बनाकर अपने मां-बाप व देश की सेवा में अपना अहम योगदान दे सकें।
शिविर में भाग लेने वाले बच्चों को किया सम्मानित
प्रचार सचिव डाॅ. मनीराम सहारण ने मुख्य अतिथि को सात दिवसीय संस्कार शिविर के दौरान करवाई गई गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सात दिनों में जहां अलग-अलग वक्ताओं से बच्चों को रूबरू करवाया गया, वहीं बच्चों की अनेक प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं। समापन अवसर पर मुख्यातिथि ने प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं समाज के लिए बेहतर कार्य करने वाले लोगों को भी कुलपति ने सम्मानित कर उनकी हौसला अफजाई की।