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तीन दिनों में 13 हजार क्यूसेक गिरा घग्गर का जलस्तर, राजस्थान की बंद होगी सप्लाई

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घग्गर के बांध को पक्का करते किसान - फोटो : Sirsa
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सिरसा। बारिश कम होने के बाद तीन दिनों में घग्गर का जलस्तर 13 हजार क्यूसेक तक कम हो गया है। घटते जलस्तर को देखते हुए विभाग की ओर से अब राजस्थान की तरफ छोड़े जा रहे पानी की सप्लाई बंद करने की तैयारी की जा रही है। सरदूलगढ़ से अब जिले में 21 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। इसमें से 11 हजार क्यूसेक पानी राजस्थान की तरफ छोड़ा जा रहा है। जबकि शेष बचे पानी की सप्लाई जिले की माइनरों और नहरों में दी जा रही है।
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जलस्तर कम होने के बाद घग्गर के आसपास लगते गांवों वासियों ने भी अब राहत की सांस ली है। नदी का जलस्तर गिरने के बाद टूटे हुए बांधों को किसानों ने मजबूत कर फसलों से अधिक पानी को निकालना शुरू दिया है। घग्गर के साथ लगते तीन गांवों में घग्गर के तीन छोटे बांध टूटने के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। जलस्तर कम होने के बाद किसानों ने टूटे हुए बांधों को मजबूत कर दिया है। विभाग के अनुसार अगले दो दिन में जलस्तर और कम होने की उम्मीद है। जिसके बाद राजस्थान की तरफ छोड़ी जाने वाली सप्लाई भी बंद कर दी जाएगी।
राजस्थान में अब कम पानी की आपूर्ति
ओटू हेड में पानी की मात्रा बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी की सप्लाई राजस्थान की तरफ छोड़ी जाती है। जलस्तर घटने से राजस्थान की तरफ अब 11 हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है। जबकि 2522 क्यूसेक पानी की सप्लाई नहरों में दी जा रही है। ऐसे में नहरों और माइनरों से पानी की सप्लाई और कम हुई तो राजस्थान का पानी बंद कर सिरसा की नहरों और माइनरों में निरंतर दी जाएगी।
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इस तरह से कम हुआ जलस्तर
दिन जलस्तर
शनिवार 20 हजार क्यूसेक
रविवार 34 हजार क्यूसेक
सोमवार 29 हजार क्यूसेक
मंगलवार 21 हजार क्यूसेक
बाढ़ आशंकित क्षेत्रों में पशु धन बचाने के लिए बनाई 32 टीमें
बाढ़ बचाव प्रबंधों के तहत सघन पशुधन विकास परियोजना के तहत जिले में बाढ़ आशंकित क्षेत्रों व गांवों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने एवं पशुओं को सुरक्षित रखने के मद्देनजर 32 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है जिसका नंबर 94677-16473 है। उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि गठित टीमों के इंचार्ज पशुपालन विभाग के संबंधित उपमंडल अधिकारी होंगे। टीमों की प्रगति कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। इसके लिए जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला के वीएस डॉ. गौरव को नियंत्रण अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी टीमों के लिए आवश्यक वैक्सीन व दवाइयों से संबंधित पशु चिकित्सक केंद्रीय भंडार राजकीय पशु चिकित्सालय से प्राप्त कर टीमों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। सभी टीम इंचार्ज क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य संक्रामक रोगों, गलघोटू, रानीखेत, शीप पॉक्स, ईटीवी आदि के टीके लगाकर वैक्सीनेशन / डिवर्मिंग आदि करके अपने इलाके के पशु-पक्षियों को इन रोगों से सुरक्षित रखेंगे।
पशुधन बचाने वाली टीमों को आवंटित किए गए क्षेत्र
बाढ़ संभावित क्षेत्र जैसे बरुवाली-प्रथम, भरोखां, संगरसरिस्ता, पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, मुसाहिबवाला तथा सभी ढाणियां, फरवाइ कलां, फरवाई खुर्द, नेजाडेला कलां, झोंपड़ा, किराड़कोट, बुढ़ाभाणा, मल्लेवाला व साथ लगती सभी ढाणियां, खैरपुर, बरनाला रोड, वैदवाला, हांडी खेड़ा, खाजा खेड़ा, सलारपुर, नटार व सभी ढाणियां, भावदीन, पतली डाबर, मौजू खेड़ा, बग्गुवाली, नरेल खेड़ा, डिंग मोड़ व सुचान कोटली व साथ लगती ढाणियां, सिकंदरपुर, बाजेकां, फूलकां व साथ लगती ढाणियां, मोरीवाला, दड़बी, रसूलपुर, थेड़ी व साथ लगती ढाणियां सहित 100 से अधिक गांवों की लिस्ट तैयार की गई है।
घग्गर का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। सरदूलगढ़ में जलस्तर कम होने के बाद अब सिरसा में स्थिति सामान्य हो चुकी है। राजस्थान की तरफ 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और शेष पानी की नहरों में सप्लाई दी जा रही है। और जलस्तर कम हुआ तो राजस्थान की तरफ की सप्लाई भी बंद कर दी जाएगी।
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-धर्मपाल मुआल, कार्यकारी अभियंता, घग्गर ब्रांच, सिरसा
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