कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री चौ.भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार का एक साल का कार्यकाल विफलता से भरा रहा है।
सरकार मात्र फीता काटने वाली बन कर रह गई है। इसे जीरो नंबर ही दिया जा सकता है क्योंकि इसका पर्चा ही खाली है। हालांकि सफाई को लेकर उन्होंने सरकार को पांच नंबर दिए।
वे सोमवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा की ओर से श्रीबंसीवट मंदिर में आयोजित जलपान में शामिल होने आए थे।
इस मौके पर पत्रकारों से उन्होंने भाजपा सरकार के एक साल को विफलता भरा बताया। सीएम मनोहर लाल के यह कहने पर कि विपक्ष को सरकार के एक साल के कार्यकाल का मूल्यांकन का कोई हक नहीं है पर उन्होंने कहा कि मूल्याकंन तो तब किया जाए जब सरकार ने कुछ किया हो।
न तो एक भी वायदा पूरा किया ना ही घोषणापत्र पर अमल किया। ये सरकार केवल कांग्रेस सरकार की योजनाओं के नाम बदलने में लगी हुई है। ऐसे में इसे नकलची सरकार कहा जा सकता है।
नकल करने वालों पर यूएमसी बनती है। उन्होंने कहा कि निर्मल भारत योजना का नाम बदल कर स्वच्छता अभियान रख दिया। योजना आयोग का नाम बदल कर नीति आयोग किया। राजीव गांधी बिजली योजना का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल योजना और जगमग योजना रख दिया।
गोहाना कांड की हो न्यायिक जांच
हुड्डा ने कहा कि सरकारें आती और जाती रहती हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार देख रहे हैं कि किसी सरकार के एक साल के कार्यकाल से जनता विमुख हो चुकी है।
हर सरकार का काम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है लेकिन इसने आते ही 27 हजार से ज्यादा लोगों के पेट पर लात मार दी और अभी बहुतों को लात मारने की तैयारी है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, गरीब और दलित स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि गोहाना में युवक की मौत पर मुख्यमंत्री बार बार बयान बदल रहे हैं। कभी कहते है युवक ने फांसी लगाई थी तो कभी मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की निर्धारित समय में न्यायिक जांच होनी चाहिए।
धान खरीद में सबसे बड़ा घोटाला
हुड्डा ने कहा कि इतना भ्रष्टाचार उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। धान खरीद में सबसे बड़ा घोटाला हो रहा है। करनाल अनाजमंडी में उन्हें किसानों ने बताया कि धान का मूल्य 1200 रुपये प्रति क्विंटल देकर हस्ताक्षर 1450 रुपये पर करवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गिरदावरी के नाम पर बड़ी धांधली हुई है। उन्होंने भाजपा सरकार को बेदर्द सरकार कहते हुए कहा कि इससे हर व्यक्ति दुखी है।
इस सवाल पर, कि मुख्यमंत्री का कहना है कि एक साल तो कांग्रेस सरकार के खोदे गए गड्ढे भरने में लग गया, हुड्डा ने कहा कि ऐसा कहने वाले प्रचारक रहे हैं तो वे प्रचार ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को काम करना सीखना चाहिए था। सीखने का प्रयास करना कोई गुनाह नहीं है।
लोगों की जेब काट रही है सरकार
उन्होंने कहा कि अब तो भाजपा सरकार लोगों की जेब काटने में लगी हुई है। डीजल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव काफी कम हुए पर भाव कम नहीं किया। इतना ही नही पहले वैट आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया।
बिजली दरें डेढ़ गुना बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुआवजा राशि में कमी की है और किसानों को उसका हक नहीं दिया।
पहले केंद्र का हिस्सा 36 प्रतिशत होता था जो अब बढ़कर 54 प्रतिशत हुआ पर सरकार ने अपना हिस्सा बढ़ाने के बजाए कम कर दिया।
उन्होंने कहा कि किसान का नुकसान ज्यादा हुआ है और मुआवजा कम मिला है। स्वास्थ्यमंत्री अनिल विज की कांग्रेस पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के सवाल का जवाब नहीं देते।
हरियाणा में अपराध बना चुनावी मुद्दा
उन्होंने कहा कि पहले अपराध राज को लेकर बिहार का उदाहरण दिया जाता था पर आज तो बिहार चुनाव में अपराध को लेकर हरियाणा के उदाहरण दिया जा रहा है कि हरियाणा में भाजपा के राज में दलितों पर क्या अत्याचार हो रहे हैं। उन्होने कहा कि इनेलो भाजपा एक है इनेलो का सरकार का सहयोगी कहा जा सकता है।
पहले खुद पर लागू करें
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है पर वे शैक्षिक योग्यता लागू किए जाने के पक्ष में नहीं है जब विधायक और सांसद पर शैक्षिक योग्यता लागू नहीं है तो पंचायत चुनाव में क्यों। सरकार को पहले खुद पर ही इसे लागू करना चाहिए, उसके जो कम पढे लिखे विधायक या सांसद नै उनके त्यागपत्र लेकर पुन: चुनाव करवाए।
कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से टकराव की बात पर उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। तवंर समर्थकों द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री उम्मीदवार प्रोजेक्ट किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी में इस बात का फैसला विधायक और पार्टी नेतृत्व करता है।