सिरसा। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा में सुधार करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास की जा रहे है। इसी के तहत गर्मी की छुट्टियों में प्राइमरी शिक्षकों की एफएलएन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के रोचक तरीके बताए जाएंगे। प्रशिक्षण में जिले से 500 से अधिक प्राइमरी शिक्षक भाग लेंगे।
निपुण हरियाणा के तहत प्राइमरी शिक्षकों को एफएलएन (मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण शिविर पांच जून से प्रदेश भर में शुरू होगा। इसमें प्रत्येक शिक्षक को पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें शिक्षकों का आना अनिवार्य है। इसके लिए बाकायदा बायोमेट्रिक हाजिरी लगेगी। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए निदेशालय से विशेष प्रशिक्षक भेजे जाएंगे। इसके अलावा जो शिक्षक ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में अपने गृह क्षेत्र में जा चुके है, उन्हें ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने के लिए लिंक दिया जाएगा। इसके साथ ही गृह क्षेत्र में ट्रेनिंग से जुड़ने के लिए मौलिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देना होगा। जिला के करीब 500 से अधिक प्राइमरी शिक्षक इस प्रशिक्षण में भाग लेंगे। यह प्रशिक्षण खंड स्तर पर दिया जाएगा।
प्रतिदिन सात घंटे तक होगी ट्रेनिंग
खंड स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक दिन सात घंटे तक चलेगा। इस ट्रेनिंग में निदेशालय द्वारा 40 शिक्षकों के समूह को एक समय में ट्रेनिंग देने के लिए आदेश जारी किए गए है। प्रशिक्षण सुबह 9 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चलाया जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों बायोमेट्रिक हाजिरी लगाई जाएगी। इसके तहत कोई भी शिक्षक ट्रेनिंग को छोड़ नहीं पाएगा।
प्रत्येक सेंटर के लिए जारी किया गया है बजट
शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक ट्रेनिंग सेंटर के लिए बजट जारी किया गया है। इसके तहत बैनर, सर्टिफिकेट, बैठने की व्यवस्था, कूलर इत्यादि व्यवस्थाओं के लिए बजट जारी किया है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में 40 प्रतिभागियों के लिए तीन हजार रुपये जारी किए गए है। प्रत्येक प्रतिभागी के खानपान के लिए 100 रुपये के हिसाब से 20 हजार रुपये दिए गए हैं। इसी के साथ स्टेशनरी के लिए 2 हजार सहित कुल 25 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है।
शिक्षकों का कहना ट्रेनिंग में उलझा रहा विभाग
शिक्षकों का कहना है कि विभाग की ओर से हर महीने में बहुत सी ट्रेनिंग करवाकर शिक्षकों को उलझाने का काम किया जा रहा है। इन ट्रेनिंगों के उलझकर शिक्षक शिक्षा पर ध्यान नहीं दे पाते है। शिक्षक का काम पढ़ाने का होता है, लेकिन विभाग बार - बार ट्रेनिंग करवाकर शिक्षकों को गुमराह कर रहा है। एक ही विषय पर शिक्षकों की बहुत बार ट्रेनिंग हो चुकी है। हर बार एक ही विषय पर ट्रेनिंग करवाने का कोई मतलब नहीं है।
जिला में प्राइमरी शिक्षकों की एफएलएन की ट्रेनिंग करवाई जानी है। जिसके तहत शिक्षकों को खेल-खेल में बच्चों को किस प्रकार से पढ़ाया जाना है बताया जाएगा। वहीं ट्रेनिंग में विभिन्न गतिविधियां भी करवाई जानी है। -सुनीता साईं, खंड शिक्षा अधिकारी।