सिरसा। परिवार पहचान पत्र में खामियों के कारण शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ है। कोई तलाक होने के बाद पति का नाम कटवाने तो कोई खुद को ही परिवार का सदस्य साबित करने के लिए नगर परिषद के चक्कर काट रहा है। एक दिन में नगरपरिषद में एक दो नहीं बल्कि 200 से ज्यादा लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। अधिकारियों के पास पर्याप्त सुविधा न होने से वे इसमें बदलाव भी नहीं कर पा रहे।
सरकार ने सभी योजनाओं को परिवार पहचान पत्र से जोड़ दिया है। अब सस्ता राशन देने से लेकर पेंशन को भी पीपीपी से संबद्ध किया गया है, लेकिन परिवार पहचान पत्र में त्रुटियां होने के कारण लोग परेशान हैं। एक दिन में 200 से अधिक लोग अपनी शिकायत लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंच रहे हैं। इसमें किसी की आय ज्यादा दर्शा दी गई है, जिससे उसका राशन कार्ड काट गया, तो किसी को दूसरे गांव के परिवार का सदस्य बना दिया है। अब वे नप कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, उनका समाधान नहीं हो पा रहा। इसका मुख्य कारण ये है कि नगर परिषद को सीएससी की आईडी दी गई है। यानी सिर्फ आवेदन किए जा सकते हैं और बदलवा केवल मुख्यालय में ही संभव है।
नगरपरिषद के पास सीएससी का पोर्टल
नप अधिकारियों का कहना है कि उनके पास सीएससी का पोर्टल है, जिसके आधार पर वे सिर्फ शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। इसका संशोधन मुख्यालय से होगा। अगर नगरपरिषद में मुख्यालय आईडी उपलब्ध करवा दी जाए तो तुरंत समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
केस-01
पति से मिला तलाक, अब नप के चक्कर लगा रही महिला
सिरसा की रहने वाली एक महिला का अपने पति से तलाक हो गया। यह मामला कोर्ट में चला, जहां तलाक पर मुहर लग गई। तलाक से पहले महिला का अपने पति के परिवार पहचान पत्र में नाम था। अब महिला इस पीपीपी से नाम हटवाने के लिए नगर परिषद के चक्कर लगा रही है। परंतु उसे कोई राहत नहीं मिल रही है। इस मामले में विभाग का तर्क है कि पीपीपी पोर्टल पर तलाकशुदा महिला का नाम परिवार पहचान पत्र से हटाने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों ने महिला को मुख्यालय में अपनी शिकायत देकर समस्या के समाधान करवाने की बात कही गई है।
केस 02
ढूकड़ा के व्यक्ति को कर दिया गुड़ियाखेड़ा के परिवार में शामिल
परिवार पहचान पत्र को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है। गांव ढूकड़ा निवासी महबूब ने बताया कि उसने परिवार पहचान पत्र बनवाना था। इसलिए वह आधार कार्ड लेकर गया, लेकिन पता चला कि उसका नाम पहले से किसी अन्य परिवार पहचान पत्र में दर्ज है। वह परिवार पहचान पत्र गांव गुड़ियाखेड़ा का है। अब इसे ठीक करवाने के लिए वह नगर परिषद अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।
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केस-- 03
दिहाड़ीदार का कट गया राशन कार्ड, अधिक आय दिखने से आई समस्या
गांव ढूकड़ा निवासी वली मोहम्मद ने बताया कि उसके परिवार में छह सदस्य हैं। बुजुर्ग माता-पिता के अलावा घर में पत्नी व बच्चे हैं। वह दिहाड़ी मजदूरी करता हैं। उसने बताया कि पीपीपी में उसकी परिवार की सालाना आय 3 लाख 36 हजार रुपये दिखाई गई, जिस कारण राशन कार्ड से नाम कट गया है। अब वह इसे ठीक करवाने के लिए चक्कर काट रहा है।
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केस 04
पीपीपी में सालाना आय 27 हजार, फिर भी कट गया राशन कार्ड
खैरपुर निवासी रेखा रानी ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में उनकी सालाना आय 27 हजार रुपये दर्ज है। फिर भी इसके बावजूद राशन कार्ड काट दिया गया है। अब डिपो से राशन मिलना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि अब वह सत्यापन के लिए चक्कर काट रही है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
वर्जन
सीएससी का पोर्टल उपलब्ध करवा रखा है इस पर हम काम का रहे हैं। लेकिन हमारे पास पीपीपी में बदलाव के लिए सीमित शक्तियां हैं। इससे ज्यादा बदलाव हम यहां नहीं कर सकते। ये काम मुख्यालय से होता है। इसके अलावा पीपीई में बदलाव के लिए संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर ओटीपी जाता है, जिसे अधिकतर लोग नहीं बताना चाहते। इस कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। विपिन कुमार, नोडल अधिकारी, परिवार पहचान पत्र, सिरसा।