सिरसा। रात के समय अगर आप सिरसा नेशनल हाइवे से दिल्ली की ओर अपने निजी वाहन पर जा रहे हैं तो ध्यान रखें। किसानों द्वारा जलाए जा रहे गेहूं के फानों की आग सड़क के किनारे तक पहुंच रही है। वहीं धुएं के कारण आप हादसे का शिकार भी हो सकते हैं। वहीं कृषि विभाग केवल किसानों पर जुर्माना करके अपने कर्तव्य से इतिश्री कर रहा है।
बता दें कि नरमा फसल की बिजाई व धान की पनीरी को तैयार करने के चक्कर में किसान गेहूं के फानों को लगातार आग लगा रहे हैं। यह आग कई बार तो काफी खतरनाक स्थिति तक पहुंच जाती है, जो नेशनल हाइवे पर पेड़ों व झाड़ियों तथा सड़क किनारे उगी घास को भी अपनी चपेट में ले रही है। सिरसा से फतेहाबाद रोड पर अक्सर हाइवे तक यह आग पहुंची हुई दिखाई देती है। सोमवार रात को भी खेतों में लगी आग नेशनल हाइवे तक पहुंच गई, जिससे हादसों का खतरा बना रहा। आग के साथ उठता धुआं वाहन चालकों के लिए परेशानी बना हुआ था। किसान रात्रि के समय फानों में आग लगाते हैं, जिस कारण हादसों का खतरा अधिक बन जाता है।
जिले में गेहूं के फाने जलाने के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। हरसेक द्वारा अब तक कृषि विभाग को आगजनी की 186 लोकेशन भेजी हैं। वहीं 2 शिकायतें अन्य स्रोतों से प्राप्त हुई हैं। इनमें से 141 लोकेशन गलत पाई गई। वहीं हरसेक द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, 41 स्थानों पर खेतों में आग लगी पाई गई। इसके अलावा 2 अन्य स्रोतों से मिली जानकारी से भी खेतों में आग लगी पाई। कृषि विभाग ने सभी 43 किसानों को जुर्माना किया है। इन किसानों पर 1 लाख 7500 रुपये का जुर्माना किया गया है, लेकिन हाइवे पर जो आग लग रही है, उन किसानों पर अन्य कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।
कृषि विभाग के हरसेक व अन्य स्रोतों से आगजनी की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं। इन सूचनाओं पर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचती हैं। हरसेक से मिली 186 लोकेशन में से 41 सही पाई गई हैं। वहीं अन्य स्रोतों से भी 2 शिकायतें सही मिली। किसानों को बार-बार जागरूक किया जा रहा है और जो नहीं मान रहे, उनको जुर्माना लगाया जा रहा है।
-डॉ. सुखदेव कंबोज, कृषि उपनिदेशक, सिरसा।