कालांवाली। दादू रोड पर बनाया गया एमआरएफ सेंटर (मेटीरियल रिकवरी फैसेलिटी एवं कंपोजिट और सिगरीकेशन प्वाइंट) आमजन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। एमआरएफ सेंटर में डोर टू डोर एकत्रित करके लाए गए कचरे के ढेर में बार-बार आग लग रही है। जिसके कारण स्थानीय निवासियों को इससे उठने वाले जहरीले धुएं से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार दोपहर को भी एमआरएफ सेंटर में लगे कचरे के ढेर में आग लगने से जहरीले धुआं फैल गया। कचरे के ढेर में आग लगी होने की सूचना मिलते ही डायल 112 और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। दमकल विभाग की टीम करीब 4 घंटे से ज्यादा समय बाद भी आग नहीं बुझ पाई थी। खबर लिखे जाने तक दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हुई थी।
आमजन ने लगाए ठेकेदार पर आग लगाने के आरोप
शहरवासियों संदीप वर्मा, विक्की वर्मा, राजिंद्र, विजय, अमन, निशांत ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार नगरपालिका प्रशासन के द्वारा रिहायशी एरिया में एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। एमआरएफ सेंटर के पास लगने शहर के वार्ड 4, 5, 6, 9, 10 के लोगों का दुर्गंध के कारण जीना मुहाल हो गया है। अगर इस कचरे में आग लग जाती है उस समय तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। उनका घरों में रहकर सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने फर्म पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 10 माह से कचरे का निस्तारण नहीं किया गया है। एमआरएप सेंटर की चहारदीवारी के अंदर कचरे के ढेर लगाए जा रहे हैं। कचरे का निस्तारण नहीं कर एनजीटी के नियमों की उल्लंघन किया जा रहा है।
जिला स्तर पर हुआ है करीब 22 साल का टेंडर
बता दें कि एमआरएफ सेंटर से कचरा निस्तारण के लिए जुलाई 2023 से लेकर जुलाई 2045 तक का टेंडर एक ही फर्म पूजा साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को दिया गया है। यह टेंडर जिलास्तर पर किया गया है। एक ही फर्म को लगातार 22 वर्ष के लिए दिया गया टेंडर भी सरकार व जिला प्रशासन पर कई सवालिया निशान छोड़ रहा है।
शहर से रोजाना निकल रहा 18 टन तक कचरा
फर्म पूजा साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी के सुभाष बैनीवाल ने बताया कि शहर के कुल 15 वार्डों व मुख्य बाजारों से रोजाना 17-18 टन तक कचरा निकलता है। फर्म द्वारा शहर से डोर टू डोर कचरा एकत्रित करके एमआरएफ सेंटर पर डंप किया जाता है। कचरा हर माह निस्तारण के लिए डबवाली व बकरियांवाली प्लांट में भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप को निराधार बताते हुए बताया कि सेंटर पर आग लगने का कारण लोगों के द्वारा कचरा गाड़ी में जलती राख डालना है। ऐसा कई बार पहले भी हो चुका है।