सिरसा। स्कूल से घर लौट रही 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा का रास्ता रोककर छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वीरवार को दो दोषियों को सजा सुनाई। न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने दोषी सुनील को पांच वर्ष और दोषी राजेंद्र को दो वर्ष कैद की सजा सुनाई। सुनील पर 12 हजार और राजेंद्र पर दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। बड़ागुढ़ा थाना पुलिस ने जुलाई 2023 में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार छात्रा ने बताया था कि उसका स्कूल पड़ोसी गांव में है। वह पैदल स्कूल आती-जाती थी। 8 जुलाई 2023 को दोपहर करीब दो बजे वह स्कूल से घर लौट रही थी। रास्ते में गांव के सुनील और राजेंद्र खड़े थे। सुनील ने रास्ता रोककर हाथ पकड़ा और दोस्ती करने के साथ मोबाइल नंबर मांगा। राजेंद्र ने नंबर नहीं देने पर उसे मारने की धमकी दी।
इस पर छात्रा के शोर मचाने पर आरोपी भाग गए। घर पहुंचकर छात्रा ने मां को आपबीती बताई। परिवार ने समाज में बदनामी के डर से तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की। 12 जुलाई को दोनों युवक उनके घर के बाहर पहुंचे और परिवार को धमकाया। इसके बाद 13 जुलाई 2023 को बड़ागुढ़ा थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। बुधवार को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और वीरवार को न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने सजा सुनाई।