डबवाली। चौटाला माइनर के अंतिम छोर पर पिछले 11 दिनों से चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थगित हो गया। एसई पवन भारद्वाज और एसडीएम अर्पित संगल के साथ तीन घंटे चली बैठक के बाद किसानों ने आठ अक्तूबर तक धरना स्थगित कर दिया।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 28 सितंबर को दोपहर दो बजे तक सिंचाई विभाग के एसई पवन भारद्वाज मौके पर नहीं पहुंचे, तो मुख्यमंत्री नायब सैनी का पुतला फूंका जाएगा और आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
किसानों की चेतावनी के बाद प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए रविवार सुबह 10 बजे ही एक्सईएन मनदीप बैनीवाल को मौके पर भेज दिया। इस दौरान चौटाला पुलिस चौकी प्रभारी आनंद बेनीवाल धरनास्थल पर मौजूद रहें। एक्सईएन ने मौके पर पहुंचकर किसानों के साथ बातचीत कर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया।
एसई पवन भारद्वाज और एसडीएम डबवाली अर्पित संगल भी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पहुंचे। करीब तीन घंटे चली वार्ता के दौरान एसई पवन भारद्वाज और एसडीएम अर्पित संगल ने किसानों की सभी मांगों पर सहमति जताई और उन्हें आश्वस्त किया कि भविष्य में नहर में पानी छोड़ने पर अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा।
दयाराम उलाणिया, सुरेंद्र गोदारा, अनिल जाखड़, सुधीर सहारण, कुलदीप गोदारा, रवि जाखड़, अजय छोटूराम कड़वासरा, राजेश सहारण आदि किसानों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों के मांगें मानने और आश्वासन देने पर आठ अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। किसानों ने कहा कि अगर तय समय में टेल तक पानी पहुंच गया, तो वे धरना पूरी तरह समाप्त कर देंगे। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे पुनः आंदोलन करेंगे।
यह दिया जाएगा आश्वासन
प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किए गए कि नहर पर आज ही गश्त की जाए और अंंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने में जो भी बाधाएं हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। अवरोधकों को हटाने की कार्रवाई की रिपोर्ट एसई व एसडीएम को जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।