सिरसा। जिले के आठ गांवों के किसान घग्गर और भाखड़ा नहर का पानी न मिलने से परेशान हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री से लेकर सिंचाई विभाग तक से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सोमवार को किसानों ने सिंचाई विभाग के कार्यालय में पहुंचकर विरोध जताया और जल्द समाधान की मांग की।
आठ गांवों के किसान पिछले कई महीनों से घग्गर और भाखड़ा नहर का पानी नहीं मिलने से समस्या का सामना कर रहे हैं। इन किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार मदद की अपील की है। खासकर, विधायक गोकुल सेतिया ने किसानों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन अब तक अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
सोमवार को इन गांवों के किसान एकजुट होकर सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंचे और अपना विरोध जताया। एसई पवन भारद्वाज से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर इस समस्या का समाधान किया जाएगा और सिंचाई प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
किसानों का कहना है कि खाजाखेड़ा, रामनगरिया, सलारपुर, नटार, भंभूर, टीटूखेडा, जस्साराम ढाणी और नानकपुरा गांवों को घग्गर और भाखड़ा नहर का पानी नहीं मिल रहा है। खासतौर पर सुखचैन और भंभूर माइनर से पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। किसानों ने मांग की है कि घग्गर नदी में एक पंप लगाकर दो किलोमीटर की दूरी से पानी लिफ्ट किया जाए, ताकि पूरे इलाके में पर्याप्त पानी पहुंचे।
किसानों ने बताया कि पिछले सात-आठ वर्षों से इन गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई है और अब जमीनी पानी भी खारा हो चुका है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग से ऐलनाबाद रोड पर पाइपलाइन बिछाने की अपील की है।
टीडीएस की बढ़ती समस्या
धान की बिजाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को अब तक एक बूंद पानी नहीं मिला है। वहीं ट्यूबवेल का पानी भी खारा हो चुका है और उसका टीडीएस 3900 पार कर चुका है। इससे इन गांवों में पीने योग्य पानी की भी भारी किल्लत हो गई है। खासकर सलारपुर, जस्साराम ढाणी, भंभूर, टीटूखेडा और नानकपुर गांवों में ज्यादा दिक्कत है।