संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/ डिंग मंडी। कुरुक्षेत्र में किसानों पर लाठीचार्ज व गिरफ्तार करने करने के विरोध में किसानों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए जिले के टोल पर्ची मुक्त करवाए। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के नेतृत्व में किसानों ने भावदीन टोल प्लाजा को 22 घंटे और खुइयांमलकाना टोल प्लाजा एक घंटे तक पर्ची मुक्त रखा। इस दौरान टोल पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि शाम साढ़े छह बजे बाद दोनों टोल पर पर्ची प्रक्रिया शुरू हो गई। पर्ची मुक्त होने के कारण टोल कंपनी को भावदीन टोल प्लाजा पर करीब साढ़े 18 लाख और खुइयांमलकाना पर करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, किसानों का कहना है कि यूनियन के अगले फैसले तक उनका धरना प्रदर्शन टोल पर ही जारी रहेगा।
सूरजमुखी की एमएसपी पर खरीद करने को लेकर मंलगवार को किसानों का कुरुक्षेत्र में धरना प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और अन्य किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ऐसे में चढूनी ग्रुप के किसानों ने भावदीन टोल प्लाजा पर एकत्र होने का आह्वान किया। किसानों ने मंगलवार रात साढ़े आठ बजे भावदीन टोल प्लाजा पर धरना दे दिया और टोल को पर्ची मुक्त कर दिया। इस दौरान यूनियन ग्रुप के जिला प्रधान सिकंदर सिंह रोड़ी, सचिव भूपेंद्र सिंह वैदवाला, जसविंद्र सिंह, नरेश कुमार सहित अन्य किसान नेता उपस्थित रहे। किसानों ने वाहन चालकों के आने जाने के लिए एक-एक लाइन खोले रखी। मामले की सूचना मिलने के बाद डीएसपी जगतपाल सिंह, डिंग थाना प्रभारी रामनिवास, ट्रैफिक इंचार्ज धर्मचंद सहित पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस दौरान अन्य गांवों के किसान भी धरना स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए। इस दौरान सरपंच एसोसिएशन, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, अन्य किसान यूनियनों के सदस्य ने भी समर्थन दिया। किसान नेता सिंकदर सिंह रोड़ी व भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने बताया कि यूनियन के आह्वान पर उन्होंने शाम साढ़े छह बजे टोल पर पर्ची प्रक्रिया शुरू करवा दी है। अभी उनका धरना चल रहा है। कमेटी के आह्वान पर ही वह अगला निर्णय लेंगे। इस मौके पर सरपंच एसोसिएशन हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष बेनीवाल, बणी सरपंच मैना झोरड़, भरत सिंह बैनीवाल, सरपंच एसोसिएशन जिला प्रधान जसकरण सिंह, कुलदीप भांभू, खुशदीप सरां, भगवान पाल सिंह अहरवां, किसान नेता जगविंदर सिंह माखा, गुरतेज सिंह मटदादू, मलकीत सिंह, भरत सिंह झाझड़ा उपस्थित रहे।