शहर के भूमण शाह चौक पर नेताओं का पुतला फूंकते किसान।
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तीन कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को दशहरे के दिन पक्का मोर्चा पर धरनारत किसानों ने बाबा भूमणशाह चौक पर दोपहर दो बजे दस नेताओं के पुतले फूंके। इनमें सीएम, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय कृषि मंत्री, डिप्टी सीएम, बिजली मंत्री शामिल हैं। न केवल सिरसा, बल्कि जिले के कई गांवों में पीएम, सीएम व सत्तापक्ष के नेताओं के पुतले फूंके गए। वहीं दोपहर तीन बजे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का रानियां अनाज मंडी का दौरा था, लेकिन जैसे ही किसानों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने डिप्टी सीएम को काले झंडे दिखाने की घोषणा की। इसके बाद डिप्टी सीएम का कार्यक्रम स्थगित किया गया।
बता दें कि सिरसा में बाबा भूमणशाह चौक पर नेताओं के पुतले फूंकते हुए किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि हर बार दशहरे पर लोग रावण के पुतले जलाते हैं। रावण जैसा महाज्ञानी और कोई नहीं था। रावण ने अपनी बहन के अपमान का बदला लेने के लिए सीता का अपहरण किया था, लेकिन वर्तमान की भाजपा सरकार में तो एक नहीं, अनेक रावण इस समय देश की जनता को खाए जा रहे हैं। भारूखेड़ा ने कहा कि देश के ये रावण धीरे-धीरे कर देश को ही बेचने पर आमादा हैं। अपने चहेते पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए मेहनतकश किसान वर्ग को भी वर्तमान सरकार ने कहीं का नहीं छोड़ा। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अब औद्योगिक घरानों के हाथों की कठपुतली बनना पड़ेगा। क्योंकि औद्योगिक घराने मनमर्जी से किसानों की फसल खरीदेेंगे और फिर उसका स्टॉक कर कालाबाजारी करेंगे, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सिरसा से शुरू हुआ आंदोलन अब पूरे प्रदेश में फैल चुका है।
डिंग में राजमार्ग पर फूंका पुतला
रविवार को जिले के गांव डिंग रोड के नेशनल हाईवे पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने नेताओं के पुतले का दहन किया। इस दौरान किसानों द्वारा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रकट किया। इस मौके पर किसान मनिंदर सिंह, सरजीत सिंह, कामरेड फौजा सिंह, गुरजिंदर सिंह, जगदेव सिंह, हनुमान दास, हरनेक सिंह संधू, बलबीर सिंह, दीपक लूथरा, हरजिंदर सिंह, मनप्रीत भावदीन उपस्थित थे।