संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बिजली संशोधन बिल-2022 के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। सिरसा के किसान संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान एकता के एक गुट ने लघु सचिवालय के समक्ष बिल की प्रतियां फूंकी तो दूसरे गुट ने शहर में केंद्र सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाली। अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने दो घंटे बाद जाम समाप्त की।
संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) के आह्वान पर बुधवार को भारतीय किसान एकता बीकेई के बैनर तले सिरसा के आस पास के गांवों के किसान ने जनता भवन रोड स्थित नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने हाथों में काले झंडे लेकर केंद्र सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों ने बाबा बंदा सिंह बहादुर चौक पर पुतले को आग के हवाले कर दिया। किसानों ने बिजली, पानी और मुआवजे की मांग को लेकर रोड के एक तरफ जाम लगा दिया। करीब दो घंटे बाद कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोलर सुखदेव सिंह, सिंचाई विभाग के एक्सईएन मंदीप सिहाग और बिजली निगम के एक्सईएन जीतराम मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं जानी। यहां काफी समय तक किसानों और अधिकारियों में बातचीत का दौर भी चलता रहा। इसके बाद किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और जाम खोल दिया। इस मौके पर बापू निहाल सिंह बाजेकां, गुरदीप सिंह मल्लेवाला, गुरविंद्र बेदी, अंग्रेज कोटली, हनुमान न्योल, काका कंवर, भिंदा काहलों, करनैल सिंह फग्गू, गुरप्रीत रोड़ी, बाबा निंदर सिंह, दलवारा सिंह रुघुआना उपस्थित रहे।
बिल संविधान के खिलाफ है : औलख
प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि 11 दिसंबर 2021 को जब किसान आंदोलन स्थगित किया जा रहा था, तो उस समय केंद्र सरकार ने वादा किया था कि संयुक्त किसान मोर्चा से सलाह मशविरा किए बिना बिजली बिल संसद में पेश नहीं किया जाएगा, लेकिन सरकार ने वादाखिलाफी करते हुए 8 अगस्त 2022 को यह बिल संसद में पेश कर दिया। यह बिल संविधान के खिलाफ है और राज्य सरकार के अधिकारों को छीनने की साजिश है।
बिल वापस नहीं लिया तो संयुक्त किसान मोर्चा करेगा देशव्यापी आंदोलन : साहुवाला
किसान संगठन के नेता जसबीर भाटी व भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष मैक्स साहुवाला ने कहा कि यदि सरकार ने बिजली संशोधन बिल-2022 को वापस नहीं लिया तो आने वाले समय में संयुक्त किसान मोर्चा देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करेगा। इस मौके पर आत्माराम झोरड़, गुरी सेखों, गुरनाम झब्बर, सुरेंद्र सिंह सरपंच, गेवी गिल, भूपेंद्र नंबरदार, साहिब घुम्मन, कृष्ण, बलराज बाजवा, रणधीर जोधकां, बलजिंदर वेदवाला, गगन संधू, उदय गिल, सुखी सरां सहित अन्य उपस्थित थे।
किसानों ने उपमंडल कार्यालय तक निकाली केंद्र सरकार के पुतले की शव यात्रा
कालांवाली। उपमंडल के विभिन्न गांवों के किसान बुधवार को डीएवी स्कूल के साथ खाली ग्राउंड में एकत्रित हुए। इस दौरान किसानों ने बिजली संशोधन बिल 2022, बर्बाद फसलों का मुआवजा व बीमा क्लेम न मिलने पर सरकार व बीमा कंपनियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। किसानों ने ग्राउंड से उपमंडल कार्यालय तक केंद्र सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाली और दहन कर विरोध जाहिर किया।
किसान नेता गुरनाम सिंह देसूमलकाना, मलकीत सिंह, जलौर सिंह, पूर्व सरंपच भरपूर सिंह, करतार सिंह, स्वर्ण सिंह, अमरजीत सिंह, बलदेव सिंह व अन्य ने बताया कि बिजली संशोधन बिल 2022 किसानों के साथ बड़ा विश्वासघात है। उन्होंने बताया कि बिजली संशोधन बिल के खिलाफ देशभर के किसान 22 अगस्त को जंतर-मंतर पर विरोध जाहिर करेंगे।
किसानों की ओर से डबवाली रोड पर जाम लगाए जाने के कारण वाहनों की लगी कतार । संवाद- फोटो : Sirsa
लघु सचिवालय के समक्ष काली पगड़ी बांध कर पुतला व प्रतियां फूंकते किसान । संवाद- फोटो : Sirsa