सिरसा। नियम 134 ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए शुक्रवार को अंतिम दिन था। तीन तारीखों के बाद भी निजी स्कूलों में 1311 में महज 680 बच्चों के दाखिले ही हो पाए है। वहीं 75 बच्चों के दाखिले रद्द कर दिए गए हैं।
शिक्षा निदेशालय ने करीब डेढ़ वर्ष बाद आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को लिए निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत शेड्यूल जारी किया था। वहीं शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों से दाखिलों के बारे में रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि नियम 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाता है। जिसके अंतर्गत ऐसे बच्चों के लिए 10 फीसदी सीटें निजी स्कूलों में आरक्षित रखी जाती हैं।
निजी स्कूलों में दाखिले के लिए 1520 विद्यार्थियों ने दी थी परीक्षा
प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए कुल 1520 विद्यार्थियों ने असेसमेंट परीक्षा दी थी। जिसमें से विभाग ने 1311 बच्चों का चयन किया था। इन बच्चों की सूची बनाकर विभाग ने निजी स्कूलों के पास भेजी। चयनित बच्चों में से भी निजी स्कूलों ने मात्र 680 बच्चों को ही दाखिला दिया है।
270 निजी स्कूलों ने दिया था 7126 सीटों का ब्योरा
जिले में 270 निजी स्कूल हैं। शिक्षा विभाग निजी स्कूलों से सीटों का ब्योरा मांगा था। स्कूलों ने 7126 सीटों का ब्योरा विभाग को भेजा था। इन 7126 सीटों पर महज 680 विद्यार्थियों के दाखिले किए गए हैं।
निजी विद्यालय आज करवाएंगे रिपोर्ट जमा
जिन विद्यार्थियों को निजी स्कूलों ने दाखिला दिया है। उन बच्चों की रिपोर्ट स्कूलों द्वारा शिक्षा विभाग को 8 जनवरी तक दर्ज करवानी होगी। इसके लिए विभाग ने स्कूलों को पत्र जारी कर दिया है।
वर्जन
नियम 134ए के तहत 7 जनवरी को अंतिम दिन था। नियम 134ए के तहत कुल 680 विद्यार्थियों का दाखिला हो चुका है। वहीं 75 विद्यार्थियों के दाखिले किसी कारणवश रद्द हो गए है। निजी विद्यालयों से 8 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी गई है।
- संतोष कुमार, नोडल अधिकारी, नियम 134-ए।