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Sirsa News: ई-20 इथेनॉल फैक्टरी में कृषि ग्रेड यूरिया के मामले की जांच पुलिस ने की शुरू

Sun, 12 Jul 2026 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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फ़ाइल फोटो पन्नीवाला रल्दु 
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एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया के 6 बैग मिले थे फैक्टरी में, बायो कंपोस्ट के नाम पर मंगवाई गई थीं टेक्निकल ग्रेड यूरिया
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जीएसटी में बड़ा खेल कोई पूछने वाला नहीं, तीन माह में टेक्निकल ग्रेड यूरिया को लेकर तीन मामले आए हैं सामने
किसान नेता की ओर से करवाई गई है एफआईआर
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डबवाली की ई20 इथेनॉल फैक्टरी में कृषि ग्रेड यूरिया के मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। कृषि अधिकारियों के संपर्क के साथ पहली बार जांच तेजी से की जा रही है। हालांकि, इससे पूर्व के तीनों मामलों में सिरसा पुलिस की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। वहीं, डबवाली के पन्नीवाला रलदू की फैक्टरी में 670 कट्टे टेक्निकल ग्रेड यूरिया को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
अहम बात यह है कि बायो कंपोस्ट मंगवाने वाली फैक्टरी को टेक्निकल यूरिया भेज दी गई। इसका प्रयोग फैक्टरी में शुरू कर दिया गया है। अमोनिया बनाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। बायो फ्यूल बनाकर ग्रीन एनर्जी के बड़े-बड़े दावों के बीच यूरिया के इस प्रयोग ने सभी को हैरान कर दिया है।
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कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना था कि सिरसा जिले में इस तरह यूरिया का प्रयोग किसी फैक्टरी में नहीं होता है। इतना ही नहीं, अधिकारियों की मानें तो स्टॉक की जांच के दौरान 6 बैग एग्रीकल्चर यूरिया के भी मिले हैं। ऐसे में विभाग की ओर से इनके सैंपल को अब रोहतक जांच के लिए सोमवार को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक अधिकारी अपनी कार्रवाई करेंगे।
जांच में सामने आया है कि जीएसटी की बड़ी हेराफेरी टेक्निकल ग्रेड यूरिया में की गई थी। बायो कंपोस्ट में 18 रुपये के हिसाब से जीएसटी काटी दर्शाई गई जबकि टेक्निकल यूरिया में 80 रुपये के हिसाब से होनी चाहिए थी। फैक्टरी से प्राप्त ऑर्डर के दस्तावेज में यह साफ देखने को मिला है। डिमांड और सप्लाई के इस खेल को आधार बनाकर अधिकारी व पुलिस प्रशासन भी अपने स्तर पर कार्रवाई करने जा रहा है।
इस मामले में जीएसटी विभाग को कई बार लिखने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वह चाहे मोरीवाला मामला हो या खाजाखेड़ा मामला हो। किसान नेताओं की शिकायत पर दर्ज किसी भी मामले में सिरसा जीएसटी विभाग ने कोई जांच नहीं की। इतना ही नहीं, इसे सेंटर का मामला कहकर पल्ला झाड़ गए।
इन जिलों के नाम आ चुके हैं सामने
कृषि ग्रेड यूरिया को टेक्निकल ग्रेड यूरिया की पैकिंग और बिलिंग के मामले फतेहाबाद से लेकर यमुनानगर के नाम सामने आए हैं। खाजाखेड़ा में पकड़ी गई सप्लाई में फतेहाबाद के व्यापारियों के नाम सामने आए थे। कृषि विभाग अपने जिले से बाहर कहीं भी कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। ऐसे में पुलिस के पास मामला चला जाता है। इसके बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। सिरसा में इन दिनों यह खेल बड़े स्तर पर चल रहा है।
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कोट्स
हमारी टीमें शिकायत मिलने पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जिले में तीन से चार मामले हमारे सामने आ चुके हैं। सभी मामलों में विभाग ने त्वरित गति से कार्रवाई की है। वहीं, पुलिस के स्तर पर अब सारे मामले हैं। इसको लेकर उपायुक्त से बातचीत हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
-डॉ. सुखदेव सिंह, कंबोज उप निदेशक, कृषि विभाग
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