खिलाड़ी भजन कौर को सम्मानित करते बीईओ
सिरसा। पेरिस में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए ऐलनाबाद की तीरंदाज भजन कौर ने रविवार को तुर्की के एंटाल्या में हुए अंतिम ओलंपिक क्वालिफायर मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर व्यक्तिगत स्पर्धा में कोटा हासिल कर लिया है। क्वालिफायर मुकाबले के दौरान भजन कौर ने इस्लामी गणराज्य ईरान की शीर्ष वरीयता हासिल खिलाड़ी मोबिना फल्लाह को छह-दो से हराकर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया।
प्रतियोगिता में प्रति देश केवल एक व्यक्तिगत कोटा की अनुमति थी। तीरंदाज भजन कौर के असाधारण प्रदर्शन ने भारत के लिए यह स्थान हासिल कर लिया है। प्रतियोगिता के दौरान भजन कौर ने पूरे आयोजन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दो बाई मिलने के बाद, उन्होंने मंगोलिया की उरांटुंगलाग बिशिंडी को छह-दो, स्लोवाकिया की उर्सा कैविक को सात-तीन और पोलैंड की वायलेटा मैसजोर को छह-शून्य से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। उनकी जीत का सिलसिला जारी रहा क्योंकि उन्होंने सेमीफाइनल में मोल्दोवा की एलेक्जेंड्रा मिर्का को छह-दो और फाइनल में ईरान की मोबिना फल्लाह को छह-दो से हराया, जिससे उन्हें स्वर्ण पदक और भारत के लिए ओलंपिक बर्थ मिला। वहीं इस क्वालिफायर प्रतियोगिता के दौरान भारत की शीर्ष तीरंदाज दीपिका कुमारी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई थीं।
परिवार में खुशी का माहौल
भजन कौर की इस उपलब्धि पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। भजन कौर के पिता भगवान सिंह ने बताया कि ओलंपिक में हिस्सा लेकर भारत के लिए पदक जीतना भजन का लक्ष्य है। इसके लिए वह लगातार कड़ी मेहनत कर रही है। अभ्यास के दौरान कई बार उसकी स्वजन से भी बात नहीं हो पाती। परंतु अपनी बेटी की इस उपलब्धि वे गर्व महसूस कर रहे हैं। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज भजन कौर ने पहले एशियाई खेलों में प्रदर्शन के दौरान सिल्वर पदक हासिल किया।