सिरसा। ऐलनाबाद उपचुनाव में मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे सभी दल पूरा जोर लगा रहे हैं। स्टार प्रचारकों को जनसंपर्क के लिए मैदान में उतारा जा रहा है और रिश्तेदारियां ढूंढकर वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास चल रहा है। ऐलनाबाद क्षेत्र के 10 बड़े गांव प्रत्याशी को चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इन गांवों में 3 हजार से ज्यादा मतदाता हैं। ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर पूर्व में चौटाला परिवार का दबदबा रहा है। यही कारण है कि अब भी इनेलो इस सीट को अपने लिए सुरक्षित मानकर चल रही है।
ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव जमाल, माधोसिंघाना, तलवाड़ा खुर्द, मल्लेकां, नाथूसरी कलां, चाहरवाला, पोहड़कां, भुर्टवाला, दड़बा और ढूकढ़ा ऐसे गांव हैं जिनमें मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। ऐसे में इन गांवों के मतदाताओं का अलग ही रौब है। ये 10 गांव ही तय करते हैं कौन सा उम्मीदवार जीतकर विधानसभा में जाएगा। ज्यादा वोट वाले गांवों के लोग खुलकर बोलते हैं और कहते हैं जो समस्या सुनेगा, उसी को वोट देंगे। हालांकि इन गांवों में सभी दलों के समर्थक हैं इसलिए सभी को यहां आकर जोर लगाना पड़ता है।
बड़े गांव और मतदाताओ की अनुमानित संख्या
गांव, अनुमानित मतदाता संख्या
जमाल, 6952
माधोसिंघना, 6331
तलवाड़ा खुर्द, 5210
मल्लेकां, 5107
नाथूसरी कलां, 4403
चाहरवाला, 4368
पोहड़कां, 4042
भुर्टवाला, 3544
दड़बा, 3519
ढूकड़ा, 3413
ऐलनाबाद सीट पर चौटाला गांव का रहा दबदबा
ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की पहली पसंद चौटाला गांव के निवासी रहे हैं। इसी कारण ज्यादातर चुनावों में चौटाला गांव के जीतकर पहुंचे हैं। 1970 और 2009 में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को यहां से जीत मिली। 1967 में प्रताप सिंह चौटाला यहां से विधायक चुने गए। इसी प्रकार 1972 में बृजलाल गोदारा और 2010, 2014 और 2019 में अभय सिंह चौटाला लगातार तीन बार से विधायक रहे हैं। अब अभय सिंह चौटाला ने ही इस्तीफा दिया है और उपचुनाव हो रहे हैं।
ये भी है रोचक : कभी कम तो कभी ज्यादा किया मतदान
ऐलनाबाद की जनता भी कभी तो चुनाव में दिलचस्पी नहीं दिखाती, कभी इतना दिखाती है कि वोट प्रतिशत चरम पर पहुंचा देती है। ऐलनाबाद में 1967 से लेकर अब तक हुए विधानसभा चुनावों में सबसे कम मतदान 1977 के चुनाव में हुआ था। 1977 के चुनाव में केवल 62.35 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं सबसे अधिक मतदान 2014 के चुनाव में हुआ। इस दौरान कुल 89.30 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान हुआ।