सिरसा। बिजली बिल संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में सिरसा बिजली निगम, नाथूसरी चोपटा सब डिवीजन के कर्मचारियों ने बिजली घर के प्रांगण में 2 घंटे रोष प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने बिल को वापस लिए जाने की मांग उठाई।
मंगलवार को प्रदर्शन की अध्यक्षता श्याम लाल खोड ने की। खोड ने कहा कि कोरोना की आड़ में सरकार कर्मचारियों को प्रताड़ित कर निजीकरण को बढ़ावा देने का काम कर रही है। सरकार आम जनमानस के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़े का काम कर रही है। एक तरफ कोरोना काल में बिजली कर्मचारियों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर पूरे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति की। इसके बावजूद सरकार मानसून सत्र में बिजली बिल संशोधन 2021 लाकर कर्मचारियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन इसका पुरजोर विरोध करती है। सब यूनिट प्रधान छबीला राम ने कहा कि आज केंद्र की सरकार जनता व कर्मचारियों से किए गए अपने वादों के विपरीत कार्य कर रही है। एक तरफ सरकार प्रतिवर्ष दो करोड़ बेरोजगार लोगों को स्थायी रोजगार देने की बात करती थी। इस अवसर पर सब यूनिट सचिव राकेश जांगड़ा ने बिल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि आगामी समय में एचएसईबी वर्कर्स यूनियन सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई व अनिश्चितकालीन हड़ताल करने से भी पीछे नहीं हटेगी। इस मौके पर सतबीर, जगदीश, बिजेंद्र, भगीरथ जेई, ओम प्रकाश फोरमेन, प्रकाश, भजन लाल, सुरेश, सतपाल, राजेश आदि अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
बिजली कर्मचारियों ने किया दो घंटे रोष प्रदर्शन
ऐलनाबाद। सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने बिजली संशोधन बिल के विरोध में दो घंटे प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान हरी किशन कंबोज ने की, जबकि संचालन सचिव विजय मजोका ने किया। इस मौके पर हरी किशन कंबोज व सर्व कर्मचारी संघ ब्लॉक प्रधान राजकुमार गुर्जर ने संयुक्त रूप से बताया कि कोरोना की आड़ में सरकार कर्मचारियों को प्रताड़ित कर निजीकरण को बढ़ावा देने का काम कर रही है। सरकार आम जनमानस के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का काम कर रही है। एक तरफ कोरोना काल में बिजली कर्मचारियों ने अपनी जान को जोखिम में डाल कर पूरे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति की। इसके बावजूद सरकार मानसून सत्र में बिजली बिल संशोधन 2021 लाकर कर्मचारियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन इसका पुरजोर विरोध करती है।
बिजली कर्मचारियों ने मांगो को लेकर बिजली निगम में किया प्रदर्शन
सिरसा। सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर सिटी एवं औद्योगिक इकाई ने बिजली संशोधन बिल के विरोध में कार्यालय प्रांगण में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान मीत चावला एवं अजय पासी ने की, जबकि संचालन यूनिट के नेता रोहताश शर्मा ने किया।
इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव राजेश भाकर, बिजली यूनियन के नेता अविनाश कंबोज ने बताया कि कोरोना की आड़ में सरकार कर्मचारियों को प्रताड़ित कर निजीकरण को बढ़ावा देने का काम कर रही है। सरकार आम जनमानस के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का काम कर रही है। एक तरफ कोरोना काल में बिजली कर्मचारियों ने अपनी जान को जोखिम में डाल कर पूरे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति की। इसके बावजूद सरकार मानसून सत्र में बिजली बिल संशोधन 2021 लाकर कर्मचारियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन इसका पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर सरकार 11, 12 और 13 को बिजली बिल-2021 को सदन में कैबिनेट की मंजूरी के बाद पारित करती है तो देश के 27 लाख बिजली कर्मचारी उसी दिन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर बिजली यूनियन के वरिष्ठ नेता सुरजीत बेदी, हवा सिंह, एसएफआई से हरजिंद्र, पैक्स कर्मचारी, पब्लिक हेल्थ से नेता शिवचरण, रिटायरमेंट कर्मचारी संघ से महेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
बिजली बिल कानून को लेकर किया प्रदर्शन
रानियां में जीवन नगर रोड पर स्थित बिजली घर परिसर में हरियाणा बिजली कर्मचारी यूनियन के बैनर तले बैठक की। जिसमें सभी कर्मचारियों ने सरकार की नीति के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। बैठक में हरियाणा बिजली कर्मचारी यूनियन प्रधान रामप्रताप, अजय चौधरी सचिव, दीपक कुमार उपप्रधान, रमेश कुमार, जगदीश, विजय, सुखदेव सिंह व धर्मवीर कर्मचारी मौजूद रहे। यूनियन के प्रधान रामप्रताप कहा कि सरकार ऐसे बिल पारित करके आम जनता का जीना दूभर कर रही है।
सिरसा में बिजली निगम के समक्ष प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी।- फोटो : Sirsa
ऐलनाबाद में बिजली कर्मचारी धरना प्रदर्शन करते हुए।- फोटो : Sirsa
धरना प्रदर्शन करते हुए चोपटा बिजली निगम कर्मचारी।- फोटो : Sirsa