सिरसा। किसानों की ओर से अब धान की रोपाई किए जाने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन बिजली की सप्लाई पूरी न मिलने के कारण उनको इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के सिकंदरपुर फीडर से जुड़े करीब 10 गांवों में बिजली सप्लाई पूरी न दिए जाने के विरोध में किसानों ने एसई बिजली निगम कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना दे आवाजाही बाधित कर दी। करीब तीन घंटे गेट बंद किए जाने के बाद किसानों की समस्या का समाधान किया गया और बिजली आपूर्ति आठ घंटे कर दी गई। जिसके बाद किसान वापस लौट गए।
बिजली सप्लाई आठ घंटे दिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह 10 बजे बस स्टैंड के समक्ष स्थित 33 केवीए बिजली निगम में एसई से मिलने के लिए कई गांवों के किसान एकत्र होकर पहुंचे। यहां पर पहले ही तैनात पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को एसई कार्यालय के मुख्य गेट पर ही रोक लिया। जिसके बाद किसानों ने रोष जाहिर करते हुए गेट पर ही दरी बिछाकर धरना दे दिया और बिजली निगम अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। वहीं किसान भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने बताया कि सिकंदरपुर, वैदवाला, रसुलपुर, थेहड़ी, बलजीत सिंह थेहड़, फूलकां प्रथम, फूलकां द्वितीय, ढाणी राम सिंह, मोरीवाला, हिसार रोड ढाणी को सिकंदरपुर फीडर के साथ जोड़ा हुआ है। फीडर से जुड़े सभी गांवों को निगम की ओर से केवल सात घंटे ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। जबकि इसमें से भी कभी कट लगने पर उन्हें छह घंटे ही बिजली मिल पाती है। जबकि अन्य गांवों में आठ घंटे बिजली की सप्लाई दी जा रही है। बिजली कम दिए जाने के कारण उनके धानों की रोपाई नहीं हो पा रही। जिसके कारण उन्हें अब खेत भी खाली छोड़ने पड़ रहे है। वहीं उन्होंने कहा कि वह इस मांग को लेकर कई बार अधिकारियों को मांग पत्र भी सौंप चुके है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही। जिसके कारण अब वह एसई से मिलने के लिए पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया गया है।
पहले किसानों को दिया सोमवार का समय, नहीं हटे तो मौके पर ही किया समाधान
किसानों की ओर से गेट बंद किए जाने के बाद मामले की सूचना निगम अधिकारियों को मिली तो किसानों से बातचीत करने के लिए एक्सइएन मदन लाल सुखीजा धरना स्थल पर पहुंचे। पहले उन्होंने किसानों को फीडर पर लोड अधिक होने की समस्या बताकर जल्द ही समस्या का हल करने का आश्वासन दिया। लेकिन किसान नहीं माने और धरने पर डटे रहे। इसके पश्चात उन्होंने सोमवार से आठ घंटे बिजली की सप्लाई दिए जाने का आश्वासन दिया तो किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान सोमवार को होगा तो वह सोमवार तक ही धरने पर बैठे हैं। इस दौरान किसी भी अधिकारी को घर नहीं जाने दिया जाएगा। जिसके पश्चात एक्सईएन ने उनकी समस्या का समाधान करवा दिया और बिजली सप्लाई को शुरू कर दिया। जिसके बाद किसान लौट गए। वहीं किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसके बाद भी उनकी बिजली की सप्लाई को कम किया गया तो वह दोबारा से धरना देने को मजबूर होंगे।
भारी पुलिस बल रहा तैनात, पसीने से तरबतर रहे किसान
बिजली निगम एसई से मिलने के लिए पहुंचे किसानों को पुलिस कर्मियों ने बाहर ही रोक दिया तो किसानों ने धूप में ही दरी बिछाकर धरना दे दिया। इस दौरान किसान और पुलिस कर्मचारियों को गर्मी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इस दौरान किसानों ने अग्निपथ योजना को रद्द, ट्यूबवेलों के कनेक्शनों को जारी करने सहित अन्य मांगों को भी रखा। इस दौरान शेरा, मलकीत सिंह, जगसीर सिंह, बीटू, हरदेव, तरसेम आदि उपस्थित रहे।
किसानों की ओर से धरना दिए जाने के बाद किसानों से बातचीत करते एक्सईएन।- फोटो : Sirsa
एसई कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना देकर बैठे किसाना रोष जाहिर करते हुए।- फोटो : Sirsa