सिरसा। ईरान-इस्राइल युद्ध के चलते गैस की किल्लत की आशंका बढ़ गई है। शुक्रवार को जिले की गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलिंडर लेकर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें नजर आईं। ऑनलाइन सर्वर बार-बार क्रैश होने और बुकिंग न होने के कारण उपभोक्ताओं को एजेंसियों पर आकर कॉपी के माध्यम से सिलिंडर बुक करना पड़ रहा है। कई लोगों की गैस कॉपी गायब है और वे अपने मोबाइल नंबर से एजेंसी खोजने में जुटे हैं। गांव वेदवाला में लोगों के हंगामे के चलते गैस सिलिंडर का वितरण नहीं हो सका। इसके बाद गाड़ी वापस चली गई।
गैस एजेंसी मालिक मौके पर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। कई लोग 70-100 रुपये की फीस देकर कॉपी बनवा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वीरवार को जिले में 7,400 गैस सिलिंडर वितरित किए गए। पांच किलो के सिलिंडर की मांग बढ़ी है जिससे मुख्य एजेंसी कार्यालय ने कॉमर्शियल सिलिंडर की डिमांड की है। घरेलू सिलिंडर के विकल्प के रूप में इंडक्शन और कोयले की मांग बढ़ रही है। ग्रामीण एरिया में कुछ जगहों पर सिलिंडर वितरण में भगदड़ या हंगामा भी देखने को मिला। इस भीड़ और समस्याओं के बीच गैस एजेंसी मालिक सुबह साढ़े छह बजे एजेंसी खोलकर और बुजुर्गों को प्राथमिक सुविधा देकर वितरण सुनिश्चित कर रहे हैं। सिलिंडर की किल्लत के चलते घरों में लोगों ने अब चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।
बिजली विकास कार्य से एजेंसियों पर असर
शहर में पोल बदलने के कारण कई एजेंसियों के इनवर्टर फेल हो गए और लाइनें बढ़ गईं। एजेंसी संचालकों ने उपायुक्त शांतनु शर्मा से संपर्क कर कहा कि उनके एरिया में 31 मार्च तक विकास कार्य न हों। उपायुक्त ने तुरंत आदेश जारी किया।
लंगर सेवा समिति को सिलिंडर की कमी से परेशानी
नागरिक अस्पताल और विशेष बच्चों के स्कूलों में निशुल्क भोजन वितरित करने वाली लंगर सेवा समिति को गैस की कमी से सब्जियों की संख्या घटानी पड़ी। समिति पदाधिकारियों ने प्रशासन से सिलिंडर उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की मांग की है ताकि निशुल्क भोजन नियमित जारी रह सके।
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मोबाइल बुकिंग न होने से एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़
गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि मोबाइल के जरिए ऑनलाइन बुकिंग लगातार नहीं हो रही है। सर्वर बार-बार क्रैश होने के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। कई लोग एक दिन बुकिंग न होने पर एजेंसी आकर कॉपी के माध्यम से बुकिंग करवा रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत सिलिंडर लेने वाले भी अब एजेंसियों में पहुंच रहे हैं। जांच में कई केवाईसी अधूरी पाई जा रही हैं और मोबाइल नंबर अपडेट करने में 15 दिन लगते हैं।
सुबह साढ़े छह बजे एजेंसी खुलती है, बुजुर्गों को विशेष सुविधा
भूपेंद्रा गैस एजेंसी के मालिक भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि लोगों को गैस की समस्या न हो, इसके लिए वे सुबह साढ़े छह बजे एजेंसी पहुंच जाते हैं और स्टॉफ को भी जल्दी बुलाते हैं। बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को विशेष सुविधा दी जा रही है ताकि उन्हें लंबा इंतजार न करना पड़े। रात दस बजे तक वितरण डाटा का मिलान और अन्य कार्य पूरे कर लिए जाते हैं। भूपेंद्र गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं। सप्लाई में कोई कमी नहीं है, और केंद्र से कॉमर्शियल सप्लाई के निर्देश आने पर भीड़ और कम हो जाएगी। ग्रामीण एरिया में 90 प्रतिशत वितरण सुचारू रूप से हो रहा है।
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सिलिंडर सप्लाई में विवाद और 5 किलो सिलिंडर की मांग
कई जगहों पर बिना कॉपी वाले लोग सिलिंडर मांगते देख एजेंसियों को गाड़ियां वापस बुलानी पड़ी। पांच किलो के सिलिंडर की मांग बढ़ गई है, खासकर छोटे व्यवसायों और रेहड़ी वालों में। शादियों में वैकल्पिक व्यवस्था जैसे लकड़ी या डीजल की भट्टी का प्रयोग किया जा रहा है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी
यदि कोई असामाजिक तत्व बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी या कालाबाजारी करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक हरवीर सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे एलपीजी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता निदेशालय के टोल-फ्री नंबर 18001802087 या 18001802405 पर संपर्क कर सकते हैं।
व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी डीलरों को एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए कहा गया है। विपणन कंपनियों को प्रतिदिन जिला प्रशासन को स्टॉक और आपूर्ति से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के एएफएसओ के नेतृत्व में पांच टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। - हरवीर सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक।