पीएमएवाई योजना के तहत नगर परिषद सिरसा क्षेत्र में 309 लोगों ने वर्ष 2017 में आवेदन किया था। इनमें 80 लाभार्थियों को छोड़कर 229 लाभार्थियों का अपने घर का सपना सपना ही बनकर रह गया। इनकी कॉलोनी अनधिकृत होने के कारण इनको योजना का लाभ नहीं मिला है। इसके कुछ आवेदनकर्ता के फार्म खामी होने के कारण भी रद्द कर दिया गया है। हालांकि नगर परिषद ने 39 कॉलोनियों को अप्रूव्ड करने का प्रस्तार सरकार को भेजा था। इनमें से 25 कॉलोनियों को अप्रूव्ड करने की घोषणा सरकार ने कर दी है। हालांकि इस संबंध में कोई अधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं आने कारण सबकुछ अधर में लटका हुआ है। जब नोटिफिकेशन आएगा, उसके बाद ही इन कॉलोनियों के पीएमएवाई आवेदनकर्ताओं को लाभ मिल पाएगा।
एनओसी है जरूरी
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने दो साल पहले प्रधानमंत्री आवासीय योजना को लेकर एनओसी जरूरी कर दी थी। विभाग को जानकारी मिली थी कि अनधिकृत क्षेत्र में लोगों को सरकारी स्कीम का लाभ दिया जा रहा है। इसके बाद एनओसी का नियम लागू कर दिया। ऐसे में विभाग उन्हीं क्षेत्र की एनओसी जारी कर सकता है, जो एरिया अप्रूव्ड जोन में आते है।
यह है योजना
सरकार की ओर से दो कमरे, रसोई, शौचालय बनाने के लिए ढाई लाख रुपये की राशि दी जाती है। एक कमरा, शौचालय और रसोई बनाने पर डेढ लाख रुपये की राशि दी जाती है। ताकि जरूरतमंद और गरीब व्यक्ति के घर का सपना पूर्ण हो सके।
कॉलोनियां अप्रूव्ड होने पर विभाग को देना होगा लाभ
नियमानुसार जिन लोगों ने वर्ष 2017 में आवेदन किया था। कॉलोनी अनधिकृत होने के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ पाई थी। जैसे ही 25 कॉलोनियां वैध होंगी, उन लाभार्थियों को विभाग को लाभ देना होगा। इसको लेकर अधिकारियों को फिर से उन लोगों से इस योजना के लाभ लेने व नहीं लेने संबंध में अपडेट रिपोर्ट तैयार करनी होगी। यदि कोई लाभ लेने का इच्छुक होगा तो उसकी फाइनल मुख्यालय को भेजी जाएगी।
शहर में 309 लोगों ने प्रधानमंत्री आवासीय योजना के लिए आवेदन किया था। जिनमें से 80 लाभार्थियों को इसका लाभ दिया गया है। 50 फीसदी से ज्यादा लोग अवैध कॉलोनी में रिहायश होने के कारण लाभ से वंचित रह गए हैं। कइयों आवेदनकर्ताओं में तकनीकी खामियां पाई गई थीं।
- दिव्या, इंचार्ज, पीएमएवाई