दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर पौधरोपण के लिए हाथ में पौध लिए हुए शहरवासी व स्वामी।
सिरसा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से सिरसा क्लब में विलक्षण योग और ध्यान साधना शिविर का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान की ओर से स्वामी विज्ञानानंद ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि सृष्टि का सिरमौर कहे जाने वाले मानव द्वारा आधुनिकतावाद और विकासवाद की अंधी दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। इसमें वनस्पति जगत पतन के कगार पर है।
पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण की वजह से पौधरोपण की आवश्यकता दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। पौधरोपण से तात्पर्य वृक्षों के विकास के लिए पौधों को लगाना और हरियाली को फैलाना है। वृक्ष जीवन-प्रदान करने वाली ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिसके बिना मानव जाति का अस्तित्व असंभव है। विकासवाद की अंधाधुंध दौड़ में आज धरती का तापमान बहुत अधिक बढ़ रहा है।
इससे लड़ने का एकमात्र तरीका अधिक से अधिक पेड़ लगाना है। भूमिगत जल संसाधनों के विकास पर भी बल देते हुए स्वामी ने उपस्थित जन समूह को अपने भारत की पवित्र नदियों की स्वच्छता व जल संरक्षण की प्रेरणा देते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण करने की प्रेरणा दी। क्योंकि हरीतिमा होगी तो जल संसाधनों का विकास भी चरम होगा।
शुद्ध वायु और भूमिगत जल संसाधनों के विकास पर बल देते हुए स्वामी ने उपस्थित जन समूह को अधिक से अधिक पौधरोपण करने की प्रेरणा दी। इसी तथ्य की शिलापट पर आज संस्थान की ओर से उपस्थित जन समूह को तीनों दिन अत्यधिक ऑक्सीजन प्रदायक व उचित गुणवत्ता वाले पौधे वितरित किए गए।
साथ ही स्वामी विज्ञानानंद ने उपस्थित क्लब के सदस्यों के साथ मिलकर क्लब परिसर में पौधे भी लगाए। स्वामी ने उपस्थित योग साधकों को योग व प्राणायाम का अभ्यास करवा इसके स्वास्थ्य संबंधित लाभों से अवगत भी करवाया। कार्यक्रम में राजन बावा, प्रेम बजाज, प्रवीन सारंग, अमीष इत्यादि क्लब के सदस्य उपस्थित रहे।