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Sirsa News: महिलाओं में बढ़ रही नशे की लत, पहचान छुपाकर लेने पहुंच रहीं दवा

Thu, 27 Feb 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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  नागरिक अस्पताल के नशा मु​क्ति केंद्र में इलाज के लिए आते मरीज। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा।

पंजाब से सटे सिरसा जिले में अब महिलाएं भी तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रही हैं। नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में तैनात चिकित्सकों के मुताबिक प्रतिदिन करीब 150 से 200 नए और पुराने मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें से 15 फीसदी महिलाएं हैं।

जिले में जहां जिला प्रशासन और राजनीतिक दलों के लोग नशे पर नकेल कसने के दावे कर रहे हैं, वहीं महिला वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। चिंता की बात तो यह है कि युवाओं के साथ महिलाओं में भी नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। 18 साल की उम्र से लेकर 50 साल की महिलाएं तक नशे की लत में पड़ चुकी हैं। महिलाएं अपने बेटे तो युवतियां अपने प्रेमी के साथ काउंसिलिंग के लिए आती हैं। नशे की लत में पड़ने की हर किसी की कहानी अलग- अलग होती है।
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पहचान छूपाकर कोई पति तो कोई प्रेमी के संग आती हैं दवा लेने

डा. पंकज शर्मा ने बताया कि हैरान करने वाली बात तो यह है कि अधिकतर नशा पीड़ित महिलाएं अपनी पहचान छुपाकर आती हैं। अपनी बीमारी को पति और प्रेमी की बीमारी बताकर दवा लेती हैं। जिसके बाद उनकी काउंसलिंग की जाती हैं। काउंसलिंग के बाद उन्हें समझाकर और उनका इलाज शुरू किया जाता है। चिकित्सक ने बताया कि 100 में से 90 केस ऐसे ही आते हैं लेकिन एक चिकित्सक होने के नाते उन्हें काउंसलिंग देने के बाद हमारी ओर से उनकी प्राइवेसी को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है।



पति और बच्चों को जानकारी देने के लिए भेजती हैं महिलाएं

डॉ.पंकज गर्ग ने बताया कि कई केसों में तो पहले महिलाएं अपने पति या बच्चों को नशा मुक्ति केंद्रों से जानकारी लेने के लिए भेजती हैं। खुद इस प्रक्रिया में शामिल होने से बचती हैं। नशाखोरी ही नशीले पदार्थों के व्यापार में भी उनकी सक्रियता बढ़ रही है। अफीम, नशीली गोलियां और हेरोइन जैसे मादक पदार्थों की बिक्री में युवतियां भी संलिप्त पाई जा रही हैं। कुछ महिलाएं मजबूरी में नशे में पड़ रही हैं और कई महिलाएं शौकिया तौर पर बड़े शहरों में रहकर नशे की गिरफ्त में पड़ रही हैं।

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एचआईवी-एड्स को मिल रहा बढ़ावा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नशे की बढ़ती लत के कारण महिलाओं के बीच एचआईवी-एड्स के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। नशे की लत के चलते कई महिलाएं असुरक्षित संबंधों में उलझ रही हैं। जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नागरिक अस्पताल में एचआईवी विभाग में काउंसलर कमल निर्वाण के अनुसार प्रति माह जांच में 10 के करीब महिलाएं एचआइवी संक्रमित मिल रही हैं। नशा मुक्ति केंद्र के एक काउंसलर के अनुसार, महिलाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, लेकिन वे मदद लेने में झिझकती हैं। सामाजिक डर और परिवार की प्रतिष्ठा को लेकर महिलाओं में संकोच रहता है, जिससे वे अपनी लत को स्वीकार नहीं कर पातीं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और समाज को इस पर खुलकर चर्चा करने की जरूरत है।



तस्करी में महिलाएं पकड़ी

जिले के क्षेत्र डबवाली से जिला पुलिस ने 10 फरवरी को सिंहपुरा पुलिस व सीआईए ऐलनाबाद ने नशा तस्करी करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया । पुलिस ने दोनों महिलाओं से 107 ग्राम हेरोइन बरामद की है। महिला जिला के गांव दादू की रहने वाली है। वहीं, 18 अप्रैल को शहर थाना सिरसा पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से पांच महिलाओं को 16 किलो डोडा पोस्त सहित पकड़ा था। दो महिलाओं से पांच पैकेटों में पांच किलोग्राम डोडा पोस्त पकड़ा और एक महिला के बैग से 5 किलोग्राम , दूसरी के बैग से 4 किलोग्राम व तीसरी महिला के बैग से 2 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ था।
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कोट्स

नशा मुक्ति केंद्र में प्रतिदिन 150 से 200 की ओपीडी होती हैं। इनमें से 15 फीसदी के करीब महिलाएं नशे से पीड़ित इलाज लेने के लिए आती हैं। काउंसलिंग करने के बाद उनकी पूरी हिस्ट्री जानकर ही उनका इलाज शुरू किया जाता है।



डॉ. पंकज शर्मा, मनारोग विशेषज्ञ , नशा मुक्ति केंद्र नागरिक अस्पताल
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