सिरसा। जिले में नशा युवाओं के लिए काल बनता जा रहा है। नशे के कारण जिले में एचआईवी मरीजाें की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग जागरूकता को लेकर भी कार्यक्रम करने में कमी नहीं छोड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आकंड़ों के अनुसार साल 2019 से अब तक 31 एचआईवी पीड़ितों की मौत हो चुकी है।
पिछले नौ माह की बात करें तो 340 के करीब लोग एचआईवी से पीड़ित हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा नशे और असुरक्षित यौन संबंध के हैं।चिकित्सकों की माने तो एचआईवी के मामलों का सबसे बड़ा कारण नशा है। खासतौर पर हेरोइन और मेडिकल नशे के बढ़ते प्रभाव के कारण युवाओं में एचआईवी के मामले सामने आ रहे हैं।
इतना ही नहीं, 20 के करीब नाबालिग भी एचआईवी का शिकार हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़े के अनुसार वर्ष 2024 में अब तक 470 लोग एचआईवी पीड़ित मिले हैं। इन सभी का उपचार नागरिक अस्पताल में किया जा रहा है।
अब तक नागरिक अस्पताल में 3256 एचआईवी संक्रमित का उपचार चल रहा है। इनमें पुरुष, महिलाएं, युवक, युवतियां और नाबालिग तक शामिल हैं। विभाग का दावा है कि 90 प्रतिशत एचआईवी पीड़ित नशे करने के लिए एक ही सिरिंज ओर असुरक्षित यौन संबंध के कारण रहा है।