सिरसा। जिले में राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसों के दौरान त्वरित चिकित्सा और सुरक्षा सहायता के लिए व्यवस्था मजबूत की गई है। हाईवे पर दिन-रात पेट्रोलिंग टीमों की आवाजाही रहती है, जबकि टोल प्लाजा पर 1033 नंबर की फ्री एंबुलेंस सेवा हमेशा तैनात रहती है। हालांकि आम जनता की जुबान पर अब भी डायल 112 ही अधिक इस्तेमाल होता है।
हाईवे पर डायल 1033 के बोर्ड विशेष रूप से हादसे वाले स्थानों पर लगाए गए हैं। जिले में शहर के आसपास हाईवे पर हादसा होते ही एंबुलेंस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच सके। इसके लिए खुईयां टोल प्लाजा (डबवाली रोड) और भावदीन टोल प्लाजा (हिसार रोड) पर स्थायी एंबुलेंस व्यवस्था की गई है। ये सेवाएं नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा संचालित की जाती हैं और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में मदद करती हैं। शहर में स्टेट हाईवे पर पुलिस की डायल 112 टीमें और पुलिस राइडर दिन-रात सुरक्षा गश्त करते रहते हैं।
हाईवे पर सुरक्षा को मिली मजबूती
शहर में दोनों टोल प्लाजा पर चार पेट्रोलिंग टीमें दिन-रात तैनात रहती हैं। प्रत्येक टीम में तीन कर्मचारी होते हैं। ये टीमें 1033 कॉल के माध्यम से आने वाली सहायता के लिए भी तत्पर रहती हैं। पेट्रोलिंग टीमों द्वारा दुर्घटनाओं में एंबुलेंस, क्रेन और वाहन सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही सड़क किनारे खड़े वाहनों, ओवरस्पीडिंग, लापरवाह ड्राइविंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखकर हादसों को रोकने में मदद की जाती है। किसी भी घटना की सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग वाहन और डायल 112 टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाते हैं।
शहर में एंबुलेंस की हालत चिंताजनक
हाईवे पर डायल 1033 की फ्री एंबुलेंस सेवा और पेट्रोलिंग टीमें 24×7 तैनात हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग जरूरत के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की एंबुलेंस भी हाईवे पर भेजता है, ताकि बड़े हादसों या एक साथ कई घायलों की स्थिति में त्वरित मदद मिल सके। वहीं शहर के भीतर एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। नागरिक अस्पताल में उपलब्ध 32 एंबुलेंस में से 14 खराब बताई जा रही हैं। दो महीने से कई एंबुलेंस खराब खड़ी हैं और बजट की कमी के कारण उनका मरम्मत नहीं हो पा रही है।
हाईवे पर सुरक्षा गश्त
जिले में स्टेट हाईवे पर पुलिस की डायल 112 टीमों और राइडरों द्वारा दिन-रात गश्त की जाती है। ये टीमें सड़क पर होने वाली लूट, वारदात और हादसों को रोकने के लिए सक्रिय रहती हैं। डबवाली रोड और हिसार रोड पर भी शहर के बाहर डायल 112 की टीमें तैनात रहती हैं।
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मरीजों को नहीं मिलती सुविधा
खराब वाहनों की वजह से कई बार मरीजों को समय पर मदद नहीं मिल पाती। रेफर मरीजों को बड़े अस्पतालों में भेजने में भी देरी होती है। एंबुलेंस इंचार्ज ने बताया कि कुछ एंबुलेंसों में इंजन की खराबी, कुछ में पुराने उपकरण व कुछ में टायर-बैटरी जैसी दिक्कतें लंबे समय से पड़ी हुई हैं, जो बजट की कमी के कारण ठीक नहीं हो पा रही हैं।
हाईवे पर दिन-रात पेट्रोलिंग टीमें गश्त करती रहती हैं। हादसों, सड़क किनारे खड़े वाहनों, ओवरस्पीडिंग, लापरवाह ड्राइविंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखकर दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करती हैं। एक टोल प्लाजा की दो टीमें अपने दायरे के अनुसार गश्त करती हैं और कॉल आने पर तुरंत पहुंच जाती हैं। - दिलबाग सिंह, इंचार्ज पेट्रोलिंग टीम, भावदीन टोल प्लाजा, सिरसा।