संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में कुत्ते काटने के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हें। बीते तीन माह में कुत्ते काटने के 2459 मामले आए हैं। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी के मौसम में कुत्ते अधिक आक्रामक हो जाते हैं। तेज गर्मी के कारण वे चिड़चिड़े होकर राहगीरों पर हमला करने लगते हैं, जिससे गर्मियों में ऐसे मामलों में इजाफा होता है।
नागरिक अस्पताल में कुत्तों के काटने के प्रतिदिन 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। इनमें 5 से 7 मरीज नए आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी फरवरी और मार्च में गली के कुत्तों ने 1922 लोगों को काटकर घायल किया है। वहीं, पालतु कुत्ते भी रास्ते में आने जाने वालों को काटने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। पालतु कुत्तों के काटने से भी 537 लोग जख्मी हुए हैं। नागरिक अस्पताल में कुत्ते काटने के बाद मरीज को चार टीके लगाए जाते हैं।
इस समस्या को नियंत्रण में लाने के लिए नगर परिषद द्वारा कुत्तों की नसबंदी का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के तहत नसबंदी करवाई जा रही है, ताकि गली के कुत्तों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।
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तीन महीनों में इस प्रकार आए मामले
माह स्ट्रे डाॅग पैट डॉग कुल
जनवरी 821 119 940
फरवरी 552 189 741
मार्च 549 229 778
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कुत्ते के काटने पर लगते हैं चार टीके
कुत्ते के काटने पर पहला टीका तुरंत बाद, दूसरा टीका तीन दिन बाद, तीसरा टीका सात दिन बाद और चौथा टीका 28 दिन के बाद लगवाना होता है। नागरिक अस्पताल में रैबीज से बचाव का टीका 100 रुपये में लगाया जाता है जबकि बीपीएल कार्डधारक के लिए यह मुफ्त है। हालांकि निजी अस्पतालों में यही टीका 600 से 700 रुपये में लगाया जाता है।
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कुत्ते के काटने के बाद प्राथमिक उपचार
शरीर की जिस जगह पर कुत्ता या रैबीज के खतरे वाला कोई जानवर काटे, उस जगह को साबुन और पानी से करीब 10 मिनट तक लगातार धोते रहना चाहिए। लासा वायरस साबुन में मौजूद तत्वों की वजह से खत्म हो जाता है। इसके बाद घाव पर एंटी बैक्टीरियल या कोई अन्य घाव ठीक करने वाली क्रीम लगा सकते हैं। हालांकि यह सिर्फ प्राथमिक उपचार है जो तुरंत करना चाहिए। इसके बाद डॉक्टर से मिलकर एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। अगर आपको रैबीज से संक्रमित कुत्ते ने काटा है, तो तुरंत विधिवत उपचार शुरू करवा देना चाहिए।
शहर में गलियों में घूम रहे 7000 कुत्ते
शहर में नगर परिषद की ओर से कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर के द्वारा कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी की जा रही है। एजेंसी की ओर से अब तक करीब दो माह में 2500 के करीब कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इससे विभाग के अनुसार कुत्तों की संख्या में कमी आएगी और प्रजनन को रोकना संभव हो पाएगा। शहर में गलियों में अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 7000 के करीब स्ट्रीट डॉग घूम रहे हैं। जिसमें कॉलोनियों से लेकर शहर पॉश इलाके भी शामिल हैं।
नगर परिषद की ओर से एजेंसी के द्वारा कुत्तों की नसबंदी करने का काम करवाया जा रहा है। जिसमें एजेंसी प्रति कुत्ते के हिसाब से 1400 के करीब लेती है। जिसमें नसबंदी को लेकर इलाज और खानपान तक का शामिल होता है। शहर से करीब 2500 कुत्तों की नसबंदी की गई है। -जयवीर सिंह, एसआई नगर परिषद सिरसा।
कोट्स
नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए प्रतिदिन 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। रैबीज को रोकने के लिए मरीज के चार टीके क्रम अनुसार लगाए जाते हैं। ताकि कुत्ते काटने के बाद संक्रमित न फैले। तीन माह में 2459 मरीज इलाज के लिए आए हैं। -डॉ. गौरव अरोड़ा, नागरिक अस्पताल सिरसा।