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आय से अधिक संपति मामला : साढ़े तीन वर्ष से तेजा खेड़ा फार्म हाउस का आधा हिस्सा है बंद, आना जाना भी कम

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तेजाखेड़ा फार्म हाउस (फाइल फोटो) - फोटो : Sirsa
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। जिला के गांव तेजाखेड़ा स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का फार्म हाउस करीब साढ़े तीन वर्ष से सील पड़ा है। यहां बंद पड़े हिस्से में किसी का भी हस्तक्षेप नहीं होता, जबकि बाकी हिस्से में आना जाना लगा रहता है। करीब 198 कनाल, 15 मरला भूमि के तेजा खेड़ा फार्म हाउस के आधे हिस्से पर इस समय ईडी का कब्जा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला पर आय से अधिक संपत्ति मामले में ईडी ने कार्रवाई शुरू की थी। 2019 के चार दिसंबर को छापा मारा था। इस दौरान इनेलो सुप्रीमो चौटाला के कब्जे वाले हिस्से को ईडी की टीम ने अटैच कर दिया। भारी सुरक्षा बल के बीच मारे छापे के दौरान आसपास के एरिया में करीब 500 मीटर में सीआरपीएफ के जवानों को तैैनात किया गया और किसी को भी फार्म से बाहर और अंदर नहीं जाने दिया। करीब तीन घंटे तक की गई कार्रवाई के दौरान परिवार का कोई भी सदस्य मौके पर नहीं था। चंडीगढ़ जोन ईडी के असिस्टेंट डॉयरेक्टर नरेश गुप्ता के नेतृत्व में छापे मारे गए। पांच सदस्यीय टीम ने फार्म हाउस के नए रिहायशी भवन को सील कर दिया था। सील किया गया हिस्सा आज भी यथावत है और यहां पर किसी का हस्तक्षेप नहीं है। जबकि अन्य हिस्से में सामान्य गतिविधियां होती हैं। परिवार के सदस्य अभी भी फार्म हाउस पर आते जाते रहते हैं।
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1978 में हुआ था निर्माण, सरकार आने पर बढ़ाया था एरिया
बताया जाता है कि तेजा खेड़ा फार्म हाउस की जगह पहले पोल्ट्री फार्म था। ये हिस्सा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के हिस्से में आया तो वर्ष 1978 में अभय सिंह चौटाला द्वारा निर्माण किया गया। इसके बाद सरकार आने के बाद निर्माण कार्य को बढ़ाया गया। हालांकि चौटाला परिवार यहां पर शिफ्ट भी हुआ। 1987 के बाद परिवार के शिफ्ट होने पर यहां चहलपहल बढ़ी और आकर्षक रूप देते हुए सौंदर्यीकरण किया गया। दो मंजिला इमारत में धरातल पर पांच कमरे हैं, जबकि पहली मंजिल पर तीन कमरों का निर्माण किया गया है। आलीशान फार्म हाउस में विशेष रूप से राजस्थानी पेंटिंग की गई है। बताया जाता है कि अभय सिंह चौटाला ने स्वीमिंग पूल का निर्माण भी करवाया था। लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। जिसके कारण उसे बाद में हटा दिया गया।
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