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आय से अधिक संपति ओपी चोटाला दोषी करार : इनेलो में जान फूंकने फील्ड में उतरे थे चौटाला, अब फिर संगठन पर संकट के बादल

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सिरसा। इनेलो सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद एक बार फिर संगठन पर संकट के बादल छा गए हैं। 10 साल की सजा काटकर करीब 11 महीने पहले 23 जून 2021 को ही जेल से बाहर आए चौटाला ने संगठन को फिर से खड़ा करने के लिए धरातल पर काम शुरू किया। फील्ड में उतरकर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद भी स्थापित किया। इसका असर अब नजर आने लगा था, लेकिन अब एक बार फिर संगठन के कार्यकर्ताओं में निराशा छा गई है।
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जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा सुनाए जाने दौरान वर्ष 2013 में कांग्रेस सरकार में इनेलो के 31 विधायक थे। अगले वर्ष 2014 में चुनाव हुए और इनेलो के विधायकों की संख्या का ग्राफ गिरकर 19 पर आ गया। इसी दौरान वर्ष 2018 में चौटाला परिवार बंटा तो संगठन को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। आज स्थिति ये है कि 19 विधायकों वाली इनेलो के पास अब केवल एक विधायक अभय सिंह चौटाला हैं। हालांकि इनेलो कार्यकर्ता पार्टी संगठन से दिल से जुड़े हैं और किसी भी विपरीत परिस्थिति को सहन कर लेते हैं, लेकिन ताजा फैसला आने से निराशा आना स्वाभाविक है। इनेलो कार्यकर्ता का दावा है कि इस तरह की परेशानियों से संगठन को कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला। इनेलो के प्रधान महासचिव ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला पार्टी संगठन को लगातार पहले भी बखूबी संभालते रहे हैं।
ज्यादती के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं चौटाला : करीवाला
पूर्व मुख्यमंत्री पहले भी 10 साल की सजा काटकर आए, उस दौरान उन्होंने एक दिन भी रिलीफ नहीं ली। सजा काटकर आते ही किसानों के पास सिंघु बार्डर पहुुंचे। उनके माथे पर कोई शिकन भी नजर नहीं आई। इनेलो सुप्रीमो चौटाला हमेशा फील्ड में रहते हैं और आगे भी फील्ड में ही रहेंगे। चौटाला साहब ने पहले भी इस तरह की स्थितियों का सामना किया है और अब भी करेंगे।
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- कश्मीर सिंह करीवाला, इनेलो जिलाध्यक्ष, सिरसा।
मजबूत है संगठन, नहीं डिगेगा हौसला : जसबीर जस्सा
इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला को कांग्रेस राज में षड्यंत्र के तहत फंसा गया है। वैसे संगठन पूरी तरह से मजबूत है और कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कार्यकर्ता ऐसी परिस्थितियों से पहले भी गुजरे हैं। वर्ष 2013 में भी सजा जब हुई थी, उसके बाद भी अभय सिंह चौटाला ने संगठन को चलाया था और संगठन उस समय सरकार बनाने की स्थिति में था। लेकिन कुछ परिस्थितियां विपरीत हुई।
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- जसबीर सिंह जस्सा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, इनेलो।
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