जिला बिक्री कर संघ सिरसा के प्रधान सुरेंद्र कुमार बांसल ने बताया कि वर्ष 2016-17 के दौरान सिरसा में वीके शास्त्री ईटीओ के पद पर नियुक्त थे। इस दौरान इस अधिकारी की कार्यप्रणाली से दुखी होकर जिला के व्यापारियों व सेल टैक्स वकीलों ने तत्कालीन उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ से मिलकर उपरोक्त अधिकारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद वीके शास्त्री के कार्यालय पर आबकारी एवं कराधान संयुक्त आयुक्त द्वारा छापा की करवाई गई। छापा में अनेक अनियमितताएं मिलीं, जिसकी रिपोर्ट बनाकर हेड ऑफिस भेजी गई। विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपरोक्त अधिकारी को सभी कार्यों से मुक्त कर दिया। परंतु नियुक्ति सिरसा में रहने के कारण उन्होंने अधूरी रही फाइलों के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी, जिसकी रिपोर्ट तत्कालीन डीईटीसी रविंद्र सिंह ने हेड ऑफिस को भेजी। जिसपर वीके शास्त्री का तबादला कर हेड ऑफिस में नियुक्त कर दिया गया। यहां उसने फर्जी हस्ताक्षर करके उच्च न्यायालय में अपने पक्ष में रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करने के लिए एजी कार्यालय में दी, जोकि विभाग के संज्ञान में आई। इस मामले में गैर कानूनी कार्यवाही के विरुद्ध जिला बिक्री कर एसोसिएशन सिरसा लगातार प्रयासरत रही।
3 नवंबर 2023 को जिला बिक्री कर संघ सिरसा के प्रधान सुरेंद्र कुमार के बयान दर्ज कर चीफ विजिलेंस ऑफिसर द्वारा दर्ज कर कार्यवाही अमल में लाई गई। हरियाणा सरकार ने 15 दिसंबर के आदेशानुसार वीके शास्त्री, जोकि वर्तमान में कैथल में डीईटीसी के पद पर नियुक्त है, को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर हेड ऑफिस पंचकूला भेज दिया है। वीके शास्त्री के निलंबन पर व्यापार मंडल व जिला बिक्री कर एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र बांसल एडवोकेट व अन्य सभी सदस्यों ने खुशी जाहिर की है।