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Sirsa News: ऐलनाबाद के मिठी सुरेरां में उपमुख्यमंत्री बोले- तीन सालों के प्रयास से आया बदलाव, पहले से किसान हुआ सशक्त

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जनसभा में संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला। विज्ञप्ति - फोटो : Sirsa
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ऐलनाबाद। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे पिछले तीन साल से सरकार में लगातार गरीब व कमेरे वर्ग की भलाई व खुशहाली के लिए काम कर रहे हैं। इन प्रयासों का ही परिणाम है, जो बदलाव आया है, उससे हर वर्ग लाभांवित हुआ है। किसान पहले से और सशक्त हुआ है। सरकार ने किसानों के खाते में फसल खरीद के 12 हजार करोड़ रुपये 72 घंटों में डाले हैं। उपमुख्यमंत्री मंगलवार को ऐलनाबाद के गांव मिठी सुरेरां में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि आज तकनीकी तौर पर बदलाव आया है, जिससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है, बल्कि लोगों को घर बैठे ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अब कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। सरकार ने गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से एक सॉफ्टवेयर लिया है। अब कंप्यूटर से निकलने वाली फर्द पर किसी स्टपिंग की जरूरत नहीं होगी, उस पर क्यू आर कोड आ जाएगा। क्यू आर कोड के साथ किसी भी सरकारी दस्तावेज के ऊपर इसे वैलिड डाक्यूमेंट के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अब किसानों को अपनी फसल के पैसों के लिए आढ़ती के पास जाने की जरूरत नहीं रह गई है, बल्कि किसानों के खातों में उनकी फसल की राशि सीधे डाली जाती है, वो भी 72 घंटे के भीतर। लोगों में भ्रम पैदा किया गया कि आढ़ती की दुकान बंद हो जाएगी। इससे न तो किसी आढ़ती की दुकान बंद हुई और न ही किसी आढ़ती को किसी प्रकार का नुकसान हुआ है। इस प्रकार के बदलाव से किसान पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। इस अवसर पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह, पूर्व मंत्री भागीराम, राजेंद्र लितानी, पूर्व विधायक कृष्ण कंबोज, जिला अध्यक्ष सर्वजीत मसीता, अंजनी लढा, सुरेंद्र लेघा, अशोक वर्मा, हरिसिंह भारी, सुरेंद्र बैनीवाल, डॉ. राधेश्याम शर्मा, तरमेश मिढा, सरदार जगरूप मौजूद रहे।
डीसी रेट की नौकरियों में ठेकेदार प्रथा की खत्म
उन्होंने कहा कि पहले डीसी रेट की नौकरियों में ठेकेदारी प्रथा का चलन था, जिससे कर्मचारियों की अकसर ठेकेदार को लेकर शिकायत रहती थी। अब सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाया है, जिसके माध्यम से युवाओं को पारदर्शी ढंग से सरकारी नौकरी में आने का अवसर मिला है। इसमें गरीब परिवारों के बच्चों को वरीयता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार पूरी तरह से गंभीर है। जिस भी परिवार की आय 1.80 हजार रुपये से कम है, उन परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। ऐसे परिवार का सदस्य मेडिकल इमरजेंसी में देशभर में कहीं पर भी अपना इलाज करवा सकता है।
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