सिरसा-चोपटा। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के सेमग्रस्त गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत स्थापित और वर्तमान में बंद पड़े ट्यूबवेलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। मंगलवार को किसानों ने उपायुक्त और सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
किसान नेता प्रकाश मेमरा, रघुबीर कड़वासरा, मुकेश बैनीवाल, बलराम सहारण, दीवान सहारण, कृष्ण पुनिया, रोहताश कुमार और संदीप कुमार ने बताया कि शक्करमंदोरी गांव में आयोजित महापंचायत में इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई गई। किसानों का आरोप है कि ट्यूबवेलों की स्थापना में अनियमितताएं हुई हैं जिसके कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अधिकांश ट्यूबवेल बंद पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि मानसून नजदीक है और सेमग्रस्त क्षेत्र में जल निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है। ऐसे में परियोजना की निष्पक्ष और गहन जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मुद्दे की निगरानी के लिए समिति गठित की
इस मुद्दे की निगरानी और आगे की कार्रवाई के लिए क्षेत्र के सरपंचों, किसानों की समिति भी गठित की गई है। कमेटी में चाहरवाला गांव से मुकेश बैनीवाल, जगतपाल, शक्कर मंदोरी से बलराम व दीवान सहारण, शाहपुरिया से रोहताश पुनिया व सरपंच राजकुमार, देवीलाल, तरकांवाली से सरपंच सुनील कुमार, नाथूसरी कलां से सरपंच रीटा कासनियां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, संदीप कासनियां, दड़बा कलां मानक दिवान से कालूराम, देवतराम तरड, राममुर्ति, पृथ्वी रोज, गुडिया खेड़ा से हरी सिंह, रूपाना खुर्द से सरपंच प्रतिनिधि सुभाष बैनीवाल, कुलदीप व रामस्वरूप को शामिल किया है।