सिरसा। जिले के गांव कालुआना में आपातकालीन मुनादी के विवाद में उपायुक्त शांतनु शर्मा ने सरपंच को निलंबित कर दिया। उसे एक सप्ताह में पेश होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए गए हैं। गांव के चौकीदार की शिकायत पर उपायुक्त ने यह कार्रवाई की है।
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण कानूनगो सतवीर सिंह ने पिछले सप्ताह चौकीदार दूनीराम को गांव में ब्लैकआउट की मुनादी करवाने के निर्देश दिए थे। इसलिए चौकीदार दूनीराम ने आठ मई की रात करीब 10 बजे ठाकुरजी मंदिर के पुजारी धर्मपाल और बाबा रामदेव मंदिर के पुजारी भूप सिंह से मुनादी करवा दी।
इसके बाद सरपंच दौलतराम ने पुजारी भूप सिंह को फटकार लगाते हुए आदेश की कॉपी मांगी। साथ ही पुजारी से मंदिर की चाबी भी ले ली। इसके बाद सरपंच पर चौकीदार दूनीराम से दुर्व्यवहार का भी आरोप है।
उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी अनुमति के बिना मुनादी करवाने पर कार्रवाई की जाएगी। चौकीदार की शिकायत पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरपंच को निलंबित कर दिया। आपातकालीन स्थिति में सरकारी आदेश की अवहेलना कर पुजारी को धमकाने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
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इस मामले में सरपंच दौलतराम ने बताया कि डीसी के आदेश के बाद ही गांव की सभी सोलर लाइटों को ढक दिया गया था। गांव में स्पीकर से रात को ये मुनादी करवाई गई थी कि हमला हो चुका है। इसलिए लाइटें बंद कर दो। इससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। चिंतित ग्रामीणों ने उन्हें फोन कर जानकारी मांगी लेकिन उन्हें मुनादी का पता नहीं था। उन्होंने पुजारी से इसका कारण पूछा था।
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उपायुक्त ने यह दिए आदेश
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने दौलत राम सरपंच को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने इस आदेश पत्र में लिखा है कि अब आरोपी पंचायत की किसी भी कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेगा। पंचायत का सारा रिकॉर्ड, राशि समेत उसके कब्जे या नियंत्रण में जो भी पंचायत की संपत्ति हो उसे किसी बहुमत वाले पंच को सौंपा जाए। एक सप्ताह के अंदर उनके समक्ष निजी रूप से उपस्थित होकर आरोपी अपना जवाब लिखित में प्रस्तुत करे।