सिरसा, चोपटा। बारिश ने दूसरे दिन में क्षेत्र में कहर ढहाया। जहां एक ओर शहरी क्षेत्र में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से करीब 3 लाख हेक्टेयर में फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने गिरदावरी की मांग के साथ-साथ खराब हुई फसल के मुआवजे दिए जाने की मांग की है। शहर के बाजारों में भी जलभराव हो गया। जन स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त मोटरें लगाकर पानी की निकासी की।
जिलेभर में वीरवार सुबह से बारिश शुरू हो गई। शहरी क्षेत्र में हालांकि कम बारिश हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें आ गई। वीरवार को सिरसा में 14, पंजुआना में 5, रोड़ी में 10, कालांवाली में 10 व चोपटा में 20 एमएम बारिश हुई। जिले में नरमे व कपास की लगभग 2 लाख 9 हजार हेक्टेयर का रकबा प्रभावित हुआ है। खेतों में तैयार नरमे व कपास की फसलों को काटने पर मजबूर कर दिया है। नरमे फसल पहली चुगाई के लिए तैयार है, लेकिन बारिश के कारण फल (रुई) भी पीला पड़ रहा है। वहीं तैयार हो रहे नरमे के टिंडों में गुलाबी सुंडी लग रही है। बारिश का पानी खेतों में अधिक समय तक खड़े रहने से नरमे के पौधे छाट मार रहे हैं। नरमे व धान की फसलें तेज बारिश और हवाओं के कारण अब जमीन के लग गई। इससे इस बार पैदावार कम होने की संभावना रहेगी। वहीं धान की अगेती फसलों में बलियों को फंगस आने व अन्य बीमारियां का डर किसानों को सता रहा है। मौसम में अधिक नमी होने के कारण मुच्छल धान जैसी वैरायटी में होपर, फंगस, तेला व गोभ की सुंडी जैसी बीमारियां अब अधिक हावी होगी।
6 हजार किसानों ने दर्ज करवाई फसल बीमा क्लेम की मांग
बारिश से खराब होती फसलों को देख बीती 22 सितंबर तक जिले के करीब 6 हजार किसानों ने फसल बीमा क्लेम की मांग को लेकर आवेदन किए है। विभाग की ओर से यह आवेदन अब बीमा कंपनियों को भेजे जाएंगे। इसके बाद बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के साथ कृषि विभाग की टीम फील्ड में उतरकर सर्वे करेंगी।
जलभराव से नहीं निकल पा रही कारें, दोपहिया वाहन चालक परेशान
बारिश के कारण शहर में जलभराव की स्थिति बन गई। पुरानी कचहरी रोड स्थित फाटक के पास तीन फीट तक पानी भरने से वाहन बीच पानी में ही बंद पड़ने लगे। इसके बाद वाहन चालक वाहनों को धक्का लगाकर बाहर निकालते हुए नजर आए। रोड पर पानी जमा होने से यहां आवजाही प्रभावित हुई वहीं दुकानदारों के कामकाजों को भी प्रभावित किया। वहीं शहर के निचले क्षेत्रों के साथ-साथ मुख्य मार्गों पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही। इसके अलावा शहर के जनता भवन रोड, अनाज मंडी रोड, सूरतगढ़िया बाजार, शिव चौक एरिया, बेगू रोड पर भी जलभराव हुआ। निचले इलाकों में पड़ने वाली कॉलोनियों में भी पानी निकासी की समस्या से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अतिरिक्त मोटरें और पंप लगाकर पानी निकासी करना पड़ा। शहर के आंबेडकर चौक पर भी जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति रही।
बारानी क्षेत्र की फसलों पर बारिश की मार
चोपटा क्षेत्र में करीब 34 हजार 200 हेक्टेयर में नरमे की फसल, 4500 में धान, 2800 बाजरा, 170 मक्का, 820 दलहन, 4000 मूंगफली, 900 अरंड और 10800 हेक्टेयर में ग्वार की बिजाई की गई थी। बारानी क्षेत्र की इन फसलों पर बारिश की मार पड़ रही है। क्षेत्र में बारिश अधिक होने से खेतों में पानी रुका हुआ है, जिससे यह फसलें अब खराब हो रही है। तेज हवाओं व बारिश के चपेट में आकर ग्वार व बाजरे की फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई हैं।
किसान बोले- जल्द गिरदावरी करवाकर मुआवजा देना मिले
किसान कृष्ण कुमार, लखविंद्र सिंह, कुलदीप कुमार, भागीराम ने बताया कि अधिक बारिश होने से फसलों में पानी खड़ा है। इस कारण नरमा , कपास, ग्वार व बाजरे की फसलें पूरी तरह से खराब हो गई है। इससे उत्पादन नगण्य गया है। कड़ी मेहनत और खर्च के बावजूद भी जब फसलें पकने के कगार पर आई तो बारिश से फसल चौपट हो गई। सरकार को खराब हुई फसलों की जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर मुआवजा देना चाहिए।
बारिश से चोपटा खंड में सावनी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इस बार खंड में 58410 हेक्टेयर में नरमा, कपास, ग्वार , बाजरा , मूंगफली , मक्का ,धान की बिजाई की गई है। फसलों में पानी खड़ा रहने से पौधे खराब हो रहे हैं।
-डॉ. बहादर गोदारा, कृषि विकास अधिकारी, चोपटा
जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश के चलते फसलों का नुकसान हुआ हैं। वह किसान बीमा क्लेम के लिए कृषि विभाग को लिख रहे हैं। करीब 6 हजार किसानों के आवेदन आए हैं।
- बाबूलाल, जिला कृषि अधिकारी, सिरसा
सुरखाब चौक बारिश के कारण हुए जलभराव को बुस्टिंग इंजन से निकालते हुए कर्मचारी।- फोटो : Sirsa
खराब फसल दिखाते किसान।- फोटो : Sirsa
चोपटा क्षेत्र में बारिश के चलते जमा पानी।- फोटो : Sirsa