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Sirsa News: डबवाली की पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर बोलीं-डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं, सतर्क रहें, हिदायतें जारी

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डबवाली। आमजन को साइबर ठगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से डबवाली पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण साइबर एडवाइजरी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई भी कानूनी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है और इस नाम पर आने वाली सभी कॉल या वीडियो कॉल पूरी तरह से साइबर ठगी का प्रयास हैं।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, कस्टम या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर आमजन को फोन या वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ितों को डराने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाते हैं, जैसे अवैध पार्सल, मनी लॉन्ड्रिंग या किसी गंभीर अपराध में नाम शामिल होने का दावा, और फिर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर मानसिक दबाव बनाते हैं।
उन्होंने आमजन से अपील की कि इस प्रकार की किसी भी कॉल या संदेश पर विश्वास न करें, घबराएं नहीं और तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- पुलिस कभी भी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती

- किसी भी जांच एजेंसी द्वारा ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहा जाता

- ओटीपी, बैंक विवरण या निजी जानकारी मांगना ठगी का स्पष्ट संकेत है



डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के तरीके

- लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने का दबाव

- घर से बाहर न निकलने और किसी से बात न करने की धमकी

- डर का माहौल बनाकर तुरंत पैसे ट्रांसफर कराने का प्रयास

ये सावधानी बरतें
- ऐसे किसी कॉल से घबराएं नहीं, तुरंत कॉल काटें
- किसी भी अनजान व्यक्ति को निजी या बैंक संबंधी जानकारी न दें
- परिवार के सदस्यों या नजदीकी पुलिस, थाना/चौकी से तुरंत संपर्क करें
-
यहां करें शिकायत
- साइबर हेल्पलाइन : 1930

- www.cybercrime.gov.in
- नजदीकी पुलिस थाना/चौकी
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