सिरसा। फर्जी कंपनी बनाकर चार लोगों ने एक व्यक्ति से लाखों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पीड़ित व्यक्ति ने हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत भेजी। इसके बाद गृह मंत्री ने पुलिस को कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। गृहमंत्री का आदेश मिलते ही सिरसा सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। जानकारी के अनुसार गांव डिंग रोड निवासी लखबीर सिंह खेतीबाड़ी करता है। लखवीर सिंह का कहना है कि वर्ष 2021 में वह विजन मार्केट नामक कंपनी का सिरसा के अजय विहार में आयोजित कार्यक्रम को देखने गया था। कंपनी चलाने वाले सुभाष चंद्र भाटिया, श्याम सुंदर भाटिया,पृथ्वी सिंह भाटिया व हंसराज भाटिया निवासी गांव गुडियाखेड़ा ने कार्यक्रम में कहा कि कंपनी लोगोंं के रुपये डबल करेगी और काई भी व्यक्ति इस कंपनी में अपने पैसे निवेश करता है तो कंपनी की ओर से 16 महीने में 200 गुणा करके हर महीने 5 व 20 तारीख को बैंक खाते में डाल दिए जाएंगे।
दोगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया
इसके बाद लखवीर सिंह कंपनी के ऑफिस में गया। इसके बाद कंपनी चलाने वाले उक्त चारों लोगों ने उसे हर प्रकार से पैसे लगाने और दोगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया। उक्त लोगों पर भरोसा करके लखवीर सिंह ने 24 लाख 30 हजार रुपये का निवेश इस कंपनी में कर दिया। जिसमें से 7 लाख 82 हजार रुपये कंपनी के माध्यम से वापस आ गए और 16 लाख 48 हजार रुपये अभी तक बकाया है।
सैकड़ों लोगों ने कंपनी में लगाए थे पैसे
पीड़ित लखवीर सिंह का कहना है कि वह कंपनी के ऑफिस में गया तो उक्त चारों लोग मिले। उक्त लोगों ने कहा कि कंपनी के सिस्टम की अपडेट चल रही है। कुछ दिनों तक इंतजार करो, पैसे आने शुरू हो जाएंगे। लखवीर सिंह कहना है कि वह तीसरी बार कंपनी के ऑफिस में गया तो वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा थी। सभी लोग बता रहे थे कि हमने इस कंपनी में निवेश किया, लेकिन अभी तक उनके पैसे वापस नहीं आए।
पैसे लौटाने से कर दिया इंकार
लखवीर सिंह ने कंपनी संचालकों को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। बाद में उक्त लोग कहने लगे की आपके खाते में कोई पैसा नहीं आएगा, जो करना है कर लो। तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हमारी पहुंच ऊपर तक है। इस प्रकार उक्त चार लोगों ने फर्जी कंपनी बनाकर सैकड़ों लोगों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
आरोपियों पर लगी ये धारा
जांच अधिकारी रण सिंह का कहना है कि लखवीर सिंह की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420/406 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।