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सिरसा जेल में दो गुटों में खूनी संघर्ष, 11 बंदी घायल, धारदार चम्मचों और लात-घूंसों से किया हमला

Sat, 25 Feb 2017 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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सिरसा जेल - फोटो : bureau
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सिरसा जेल में शनिवार को जमकर घमासान हुआ। दो गुटों में ऐसा टकराव हुआ कि बंदी अपनी जान बचाने के लिए जेल ग्राउंड से बैरकों में भागने लगे। दोनों गुटों ने चम्मच और गिलासों को धारदार बनाकर हमला बोला। एक-दूसरे पर लात-घूंसों, धारदार चम्मच और गिलासों से हमला बोला। आधे घंटे तक चले इस खूनी संघर्ष में 11 बंदी घायल हो गए। जेल अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। जेल प्रशासन की शिकायत पर हुडा चौकी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी आरोपियों पर हत्या, डकैती, जानलेवा हमले के कई मामले चल रहे हैं।
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सिरसा जेल में सुबह 10 बजे तमाम बंदी जेल ग्राउंड में बने मंदिर, गुरुद्वारे और मजार में बैठे थे। काफी बंदी ऐसे थे, जो पेड़ की छाया में ग्राउंड में खड़े थे। अचानक तेज आवाज में गालियां देने के साथ दो गुटों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। चम्मच और गिलासों को धारदार करके बनाए हथियारों से वार किए जाने लगे।

इससे जेल में हड़कंप मच गया। हर कोई जान बचाने को बैरकों की तरफ दौड़ने लगा। जेल वार्डनों ने हिम्मत दिखाते हुए लड़ रहे बंदियों के बीच जाकर छुड़वाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद हेड वार्डन जोगेंद्र सिंह, वार्डन सुरेंद्र कुमार, राजकुमार ने दोनों गुटों को अलग किया। बीच-बचाव में वार्डन को भी कुछ चोट आई। इसके बाद हमले में घायल बंदियों का जेल अस्पताल में ही उपचार किया गया। जेल प्रशासन ने हुडा चौकी इंचार्ज अशोक कुमार को फोन करके जेल में दो गुटों के बीच झगड़ा होने की सूचना दी।
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इन बंदियों को आई चोटें
जेल में बंदियों के बीच हुए खूनी संघर्ष में कालांवाली निवासी राजेंद्र उर्फ राजू, बलजिंद्र सिंह, तरसेम, बलराज, सिंहपुरा निवासी जसराज, राजेश, कालांवाली निवासी जग्गा सिंह, तख्तमल निवासी मनप्रीत सिंह, जीतू सिंह, प्रगत और एक अन्य को चोट आई है।

पुरानी रंजिश के चलते हुआ टकराव
दो गुटों में आपसी टकराव का कारण यह है कि हत्या और डकैती के मामले में आरोपी बंदी राजेंद्र उर्फ राजू व बलजिंद्र सिंह का पिछले दो साल पहले कालांवाली निवासी जग्गा सिंह से विवाद हो गया था। जग्गा सिंह सात दिन पहले अपने चार अन्य साथियों के साथ अवैध हथियार और जानलेवा हमला करने के आरोप में जेल आया। राजेंद्र और बलजिंद्र ने जेल में बदला लेने की ठानी तो जग्गा सिंह ने भी जेल में ही हिसाब चुकता करने का मन बना लिया। इसके बाद दोनों गुट एक-दूसरे को चैलेंज देने लगे। शुक्रवार रात दोनों गुटों ने बैरकों में चम्मच को धारदार हथियार बना लिया। शनिवार सुबह बैरकों से बाहर आते ही दोनों में टकराव हो गया।

पुरानी रंजिश के चलते दोनों गुट आपस में भिड़े हैं। जेल वार्डनों ने बीच-बचाव कर इन्हें छुड़वाया। हमले में ज्यादा चोट न आने के कारण घायल बंदियों का जेल अस्पताल में ही उपचार किया जा रहा है। पुलिस को आरोपियों के खिलाफ शिकायत दे दी गई है।
अमित भादू, जेल अधीक्षक, सिरसा

जेल प्रशासन की तरफ से शिकायत आई है। कार्रवाई करते हुए 11 बंदियों के खिलाफ जेल अधिनियम, हमला करने और धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट हासिल करके आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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अशोक कुमार, इंचार्ज हुडा चौकी, सिरसा
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