पुलिस महानिदेशक केपी सिंह के सिरसा आगमन से पहले पुलिस ने आखिरकार 22 दिनों में बहुचर्चित नीरू हत्याकांड को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सिरसा सीआईए का दावा है कि इन दो युवकों ने ही बेगू रोड मोहता गार्डन कॉलोनी निवासी नीरू का मर्डर किया। हत्यारोपी मोनू पंडित उर्फ दीपक व संदीप कीर्तिनगर के रहने वाले हैं।
कॉल डिटेल में सामने आए थे बड़े नाम
हत्या के बाद नीरू के मोबाइल की कॉल डिटेल से यह बात सामने आई थी कि उसके संबंध सिरसा के काफी रईस ठेकेदार व अन्य लोगों के साथ थे। जिन परिस्थितियों में नीरू का मर्डर हुआ उससे शुरू में लूटपाट के इरादे से मर्डर की कोई ठोस बात सामने नहीं आई थी। वारदात के समय घर का सामान भी बिखरा नहीं था, जबकि पुलिस अब बोल रही है कि दोनों युवकों ने लूटपाट के चलते नीरू का मर्डर किया और उसके कान से बालियां व सोने की चेन निकाल ली।
शारीरिक संबंध न बनाने पर घोंट दिया था गला
सीआईए इंचार्ज राजाराम का कहना है मोनू पंडित और संदीप ने नीरू से जबरन शारीरिक संबंध बनाने चाहे, उसने मना कर दिया तो इन दोनों ने चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। खास बात यह है कि वारदात के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव के आसपास चुन्नी नहीं थी। बस, एक फीता पड़ा था और पुलिस का कहना था कि संभवत: इसी फीते से नीरू का गला घोंटा गया हो।
22 दिन होती रही पूछताछ
पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर नीरू से बातचीत करने वाले सफेद पोश लोगों से पूछताछ करती रही और इसमें 22 दिन लग गए। शहर में चर्चा है कि 15 अगस्त को सिरसा में सीएम और डीजीपी के आगमन को लेकर पुलिस पर प्रेशर बढ़ा तो उसने मोनू पंडित उर्फ दीपक और संदीप को नीरू के हत्यारोपियों के रूप में सामने ला दिया। पुलिस का कहना है कि हत्यारोपियों को वीरवार दोपहर अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा। रिमांड अवधि में लूटी हुई बालियां, चेन व मोबाइल फोन बरामद करना है।
पुलिस की जुबानी वारदात की कहानी
पुलिस की मानें तो मोनू शर्मा उर्फ पंडित उर्फ दीपक बिजली का काम करता है। उसका मोहता गार्डन निवासी नीरू के घर आना जाना था। 19 जुलाई को वह नाई का काम करने वाले अपने दोस्त संदीप कुमार को लेकर मोहता गार्डन पहुंचा। मोनू ने नीरू के घर का गेट खटखटाया तो उसने गेट खोल दिया। मोनू ने नीरू को उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने को कहा लेकिन उसने इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि नीरू ने मोनू से कहा कि उसने जबरदस्ती की तो वह शोर मचा देगी। फंसने के डर से मोनू व संदीप ने चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद दोनों ने उसके कानों से बालियां खींची और गले से सोने की चेन निकाल ली। नीरू के बच्चों का स्कूल से वापस आने का टाइम हो चुका था। फंसने के डर से मोनू और संदीप घर की दीवार कूदकर भाग गए। पुलिस का कहना है कि मोनू उर्फ दीपक के मोबाइल से नीरू को एक दिन पहले कॉल की गई थी। कॉल डिटेल में उसका मोबाइल नंबर सामने आया था। उससे जब पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। गुत्थी को सुलझाने में सीआईए इंचार्ज राजाराम व कीर्ति नगर चौकी प्रभारी शलेंद्र कुमार की भूमिका रही।
नहीं है कोई आपराधिक रिकॉर्ड
नीरू हत्याकांड में पुलिस ने जिन हत्यारोपियों को पकड़ा है उनका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मोनू ने दसवीं तक पढ़ाई की है और संदीप ने 12वीं पास करके पिछले साल पढ़ाई छोड़ दी थी। पुलिस का कहना है कि ये दोनों मिर्च पाउडर लेकर नीरू के घर में घुसे थे और उन्होंने उसके चेहरे पर मिर्ची पाउडर फेंक दिया। खास बात यह है कि अपराधी तत्व मिर्च पाउडर का इस्तेमाल इसलिए करते हैं कि सामने वाला उसे पहचान न सके जबकि नीरू मोनू उर्फ दीपक को पहचानती थी। इसलिए उसने घर का गेट खोलकर उसे अंदर आने दिया और उसके साथ बातचीत भी की। इसलिए नीरू के चेहरे पर मिर्ची पाउडर डालने की बात किसी से हजम नहीं हो रही। मिर्ची का लाल पाउडर उसके चेहरे पर फेंका गया था तो शव के ऊपर और उसके आसपास मिर्ची पाउडर क्यों नहीं मिला। पुलिस को कॉल डिटेल में मोनू का नंबर मिला था तो वारदात की गुत्थी सुलझाने में 22 दिन क्यों लग गए। इन सभी बातों का संतोषजनक जवाब फिलहाल पुलिस नहीं दे पा रही है।
यह है पूरा मामला
सिरसा निवासी नीरू की शादी फाजिल्का निवासी ओमप्रकाश के साथ हुई थी। पति ओम प्रकाश से कुछ समय पहले नीरू का तलाक हो गया और वह अपने दो पुत्रों को साथ लेकर सिरसा के बेगू रोड स्थित मोहता गार्डन में रहने लगी। 19 जुलाई की सुबह बच्चे स्कूल चले गए थे। दोपहर डेढ़ बजे दोनों बच्चे स्कूल से लौटे तो घर का दरवाजा बंद था। बच्चों ने मां नीरू को गेट खोलने के लिए आवाज लगाई तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बड़ा बेटा दीवार पर चढ़कर घर में दाखिल हुआ। उसने देखा कमरे का गेट बाहर से बंद था, उसने गेट खोला तो बैड पर मां का शव पड़ा हुआ था। मां नीरू के कानों से खून बह रहा था। बच्चों ने शोर मचाया तो पड़ोस के लोग आवाज सुनकर घर में पहुंचे। पड़ोसियों ने परमार्थ कालॉनी में रहने वाली नीरू की मां व भाई को घटना की सूचना दी। परिवार वाले मौके पर पहुंचे और पुलिस को फोन किया। मृतका के कानों से बालियां गायब थीं। शव के पास एक फीता भी पड़ा मिला। ऐसा कयास लगाया जा रहा था कि इसी फीते नीरू का गला घोंटा गया।