हरियाणा के सिरसा के गांव पनिहारी में 11 हजार केवी की लाइन की चपेट में आकर बिजली निगम के अनुबंधित कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक कर्मचारी के पुत्र ने विभाग के एसडीओ जेई और एसए सहित अन्य पर मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव पनिहारी में गांव भरोखा निवासी राहुल ने बताया कि उनके पिता मनमोहन कृष्ण बिजली निगम कार्यालय पनिहारी में अनुबंध पर एएलएम के पद पर नियुक्त थे। सोमवार सुबह करीब नौ बजे उन्हें सूचना मिली की उनके पिता की गांव मुसाहिबवाला में बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद जब वे सिरसा के नागरिक अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके पिता गांव मुसाहिबवाला में बिजली ट्रांसफार्मर ठीक कर रहे थे।
इस दौरान बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी उनके साथ नहीं था। ट्रांसफार्मर पर चढ़ने से पहले बिजली लाइन बंद करवाई थी, लेकिन मनमोहन कृष्ण जब ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए चढ़े तो उन्हें करंट लग गया। मृतक के पुत्र राहुल ने आरोप लगाया कि उनके पिता को 11000 केवी की लाइन पर चढ़कर काम करने की अनुमति नहीं है।
परंतु, बिजली बोर्ड 33 केवी पनिहारी के जेई, एसए व अन्य कर्मचारियों ने दबाव बनाकर उन्हें बिजली ठीक करने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ाया। इसके चलते उसके पिता हादसे का शिकार हुए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एसडीओ विकास ठकराल, जेई कमल जैन, सहित दो अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना उपकरण दिए चढ़ा दिया ट्रांसफार्मर पर
मृत कर्मी के बेटे राहुल ने बताया कि बिजली निगम के अधिकारियों ने दबाव बनाकर उसके पिता को बिजली ठीक करने को भेजा था। इस दौरान उन्हें कोई सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं करवाए गए। राहुल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व भी उसके पिता 11 हजार केवी की लाइन ठीक करते समय हादसे का शिकार हुए थे, परंतु उस समय अधिकारियों ने मामले को दबा लिया था, जिस कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।