हरियाणा के सिरसा के गांव चकेरियां के निकट एक पशु व्यापारी से लाखों रुपये की लूट की सूचना ने पुलिस को खूब छकाया। पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि पशु व्यापारी ने देनदारी से बचने के लिए लूट का ड्रामा रचा था। पुलिस ने इस मामले को कुछ घंटों में ही सुलझा लिया।
दरअसल, गांव देसू मलकाना निवासी पशु व्यापारी रणजीत सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि वह गुरुवार को सिरसा पशु मंडी में भैंस बेचकर वापस अपने गांव आ रहा था। गांव चकेरियां के निकट नहर पुल के पास 2 मोटरसाइकिलों पर सवार 4 युवकों ने उसका वाहन रुकवा लिया और पिस्तौल दिखाकर उससे नकदी लूटकर गांव ओढां की तरफ भाग गए।
रणजीत सिंह के मुताबिक उसके पास 4 लाख 32 हजार रुपये की नकदी थी। सूचना के बाद ओढां थाना प्रभारी निरीक्षक कर्ण सिंह, कालांवाली थाना प्रभारी चांद सिंह व सीआईए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
पुलिस को शुरू से ही लगा था मामला संदिग्ध
रणजीत सिंह के मुताबिक उसके साथ लूटपाट की घटना दोपहर करीब सवा 12 बजे हुई, जिसके बाद वह पुलिस को सूचना देने की बजाय घर चला गया। करीब ढाई बजे गांव के कुछ लोगों को साथ लेकर कालांवाली थाना पहुंचा और मामले की जानकारी दी। पुलिस को शुरू से ही ये मामला संदिग्ध लग रहा था।
पुलिस ने जब नजदीक के पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें उस समय कोई ऐसी कोई मोटरसाइकिल आती नहीं दिखाई दी। जिसके बाद पुलिस का संदेह और गहरा हो गया। पुलिस ने जब रणजीत सिंह से गहनता से पूछताछ की तो उसने खुद ही ये ड्रामा रचने की बात कबूल की।
उसने बताया कि पशुओं की खरीद-बेच में उसकी काफी देनदारी हो गई थी, जिसके चलते लोग उसके पास अपने राशि मांगने आने लगे थे। इसलिए उसे ये ड्रामा रचना पड़ा। एएसआई राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पुलिस रणजीत सिंह से पूछताछ की है।