सिरसा। पुरानी तहसील रोड स्थित विशेष बच्चों के स्कूल प्रयास के प्रिंसिपल के रवैये को लेकर बच्चों के अभिभावकों ने अतिरिक्त उपायुक्त को शिकायत सौंपी। अभिभावकों ने प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार पर विशेष बच्चों के साथ मारपीट के आरोप लगाए है। प्रयास स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे अभिभावकों ने सबूत के तौर पर एडीसी को वीडियो रिकार्डिंग की सीडी भी सौंपी।
शिकायतकर्ता धर्मपाल, सुखविंद्र सिंह, तुलसी, भूप शर्मा ने एडीसी को सौंपी शिकायत में बताया कि प्रिंसिपल का बच्चों के प्रति रवैया बेहद क्रूर है। उनके बच्चे मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए मेंटली चेलेंजड स्कूल में दाखिल करवाए गए है। विशेष बच्चों से जब कोई गलती होती है, तब प्रिंसिपल उन्हें बुरी तरह से पीटता है। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे न सुन सकते हैं और न ही बोल सकते हैं। ऐसे में प्रिंसिपल द्वारा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। अभिभावकों के आरोप है कि मंदबुद्धि बच्चों को प्रिंसिपल द्वारा स्कूल से बाहर दूध व अन्य सामान लाने के लिए भेज दिया जाता है। पुरानी तहसील रोड पर दिनभर भारी ट्रैफिक रहता है। इसलिए हर समय हादसे का डर ही बना रहता है। विशेष बच्चों से झूठे बर्तन भी साफ करवाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रिंसिपल से कई बार आग्रह भी किया, लेकिन उसके रवैये में कोई फर्क नहीं आया। जेजे कालोनी निवासी धर्मपाल ने बताया कि उसका विशेष बेटा भीमदेव प्रयास स्कूल में पढ़ता है। स्कूल प्रिंसिपल ने उसे 17 मार्च को पाइप से बुरी तरह से पीटा। इस कारण वह आज तक बीमार पड़ा है। जब प्रिंसिपल से इस बारे शिकायत की गई उसने दुर्व्यवहार किया और उन्हें स्कूल से बाहर निकाल दिया। धर्मपाल ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रिंसिपल द्वारा बच्चों में भेदभाव किया जाता है।
सीडी के साथ सौंपी शिकायत, एडीसी ने प्रिंसिपल को तलब किया
प्रयास स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचें अभिभावकों ने सबूत के तौर पर एडीसी को वीडियो रिकार्डिंग की सीडी भी सौंपी। इसे एडीसी ने देखा भी। एडीसी ने स्कूल के प्रिंसिपल को अपने कार्यालय में बुला लिया। एडीसी मनदीप कौर का कहना है कि सीडी में प्रतीत होता है कि प्रिंसिपल के खिलाफ सबूत पुख्ता है। एडीसी ने पूरे मामले की जांच के लिए चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर को दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है।
बाल कल्याण परिषद करती हैं संचालन
जिला बाल कल्याण परिषद सिरसा द्वारा विशेष बच्चों के स्कूल ‘प्रयास’ का संचालन किया जाता है। जिला उपायुक्त परिषद के अध्यक्ष है। स्कूल प्रिंसिपल का पद एक वर्ष के कांट्रेक्ट का होता है। संतोषजनक कार्य करने पर अनुबंध की अवधि अगले एक वर्ष के लिए बढ़ा दी जाती है। यह अनुबंध हर साल एक अप्रैल से 31 मार्च तक का होता है।
कोट्स
सीडी में प्रतीत होता है कि अभिभावकों के आरोप पुख्ता है। जांच के लिए चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर की ड्यूटी लगा दी है। उन्हें दो दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है।
मनदीप कौर, एडीसी सिरसा।