मर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
गायों को तस्करी के लिए ले जाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो तस्करों को गोवध अधिनियम के तहत दोषी करार दे दिया है। अदालत ने दोषियों की सजा का फैसला बुधवार तक सुरक्षित रखा है।
मामले के अनुसार आठ अगस्त 2016 को डबवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि गायों को कैंटर में लादकर गोकशी के लिए उत्तरप्रदेश लेकर जाया जा रहा है। पुलिस ने सूचना के आधार पर सावंतखेड़ा के पास नाकेबंदी कर दी। पुलिस को देखकर कैंटर में सवार तस्करों ने कैंटर भगा लिया। पुलिस ने कैंटर का पीछा किया तो कुछ दूरी पर जाकर तस्कर कैंटर छोडक़र फरार हो गए। तस्करों ने गोवंश को कैंटर में ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ था। पुलिस को कैंटर में एक गाय मृत हालत में मिली जिसका पोस्टमार्टम पशु अस्पताल में करवाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने डबवाली कबीर बस्ती निवासी प्रताप व दलबार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत ने प्रताप व दलबार सिंह को हरियाणा गोवध अधिनियम के तहत दोषी करार देकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया।
------------
तीन चूरापोस्त तस्कर दोषी करार
वहीं मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में अदालत ने तीन तस्करों को दोषी करार दिया है। वर्ष 2015 को शहर थाना पुलिस ने पंजाब निवासी कुलवंत सिंह, अश्विनी व गोबिंद को दो किलो 700 ग्राम चूरापोस्त सहित दबोचा था। तीनों के खिलाफ पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया। एडीजे आरपी सिंह की अदालत मंगलवार को तीनों आरोपियों को तस्करी का दोषी करार देकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया।
गोवध अधिनियम के तहत दो तस्कर दोषी करार, अदालत आज सुनाएगी सजा