बड़ौत (बागपत)।
बावली रोड बड़ौत स्थित कारपोरेशन बैंक शाखा में आंगनबाड़ी के खाते से दो साल पहले निकाले गए एक लाख रुपये के मामले में आंगनबाड़ी बैंक अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे आज तक न्याय नहीं मिला है।
गोपालपुर खड़ाना गांव निवासी मनु आंगनबाड़ी का वेतन बड़ौत स्थित कारपोरेशन बैंक शाखा के खाते में संचालित है। इस खाते के संचालन में डेबिट कार्ड भी बैंक ने जारी किया । इस खाते से एक मार्च 2016 से लगातार चार दिन तक 25-25 हजार निकाले गए। खाताधारक महिला को इसकी खबर तक नहीं लगी, क्योंकि मोबाइल पर इन निकासी का मैसेज तक नहीं आया । इसका पता नोट बंदी के दिनों में तब चला, जब एक दिन वह अपने खाते से डेबिट कार्ड से पैसे नहीं निकलने पर डेबिट कार्ड का बंद होने का पता चला। बैंक शाखा में पहुंचकर पास बुक में एंट्री कराई तो पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। उसकी पासबुक एंट्री में पता चला कि उसके खाते से कई बार पैसे निकाले। जो एटीएम कार्ड के जरिये अलग-अलग जगहों से निकालने का पता चला। महिला ने बैंक मैनेजर प्रवीन जैन से जानकारी चाही तो मैनेजर कोई जानकारी नहीं दे पाए। पीड़ित महिला ने एक आवेदन पत्र मैनेजर को इस आशय से लिखकर दिया कि वह एटीएम की विडियो फुटेज निकलवाकर जांच करवाए, लेकिन बैंक मैनेजर कोई वीडियो फुटेज आदि निकलवानी जरूरी नहीं समझी और अपना इस शाखा से तबादला कराकर चले गए।
पीड़ित महिला ने बताया कि उसे पूरा शक कि इस मामले में बैंक मैनेजर प्रवीन जैन और इसके साथ कोई इसी शाखा का बैंक कर्मचारी भी संलिप्त हुआ है। पीड़ित ने थाना बड़ौत में सितंबर 2017 में अपनी ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई, लेकिन आज तक पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने बताया कि उसे न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अब वह मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाएगी।