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सौ रुपये फीस लेकर कर रही थी टेस्ट, विभाग ने पूछताछ कर भरे पाऊडर के सेंपल

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अमर उजाला ब्यूरो
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ओढां।
गांव खाइशेरगढ़ में एक महिला द्वारा टेस्ट के नाम पर पैसे लेने की सूचना मिलने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए महिला से पूछताछ करते हुए उसके पास से बरामद पाउडर का सैंपल लिया है। महिला का कहना था कि उसके पास संबंधित कंपनी का लाइसेंस भी है।
एक महिला ने गांव में मुनादी करवाई कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायत घर में लोगों की जांच की जाएगी। सूचना पाकर लोग अपना चेकअप करवाने के लिए पहुंच गए। कुछ लोगों ने मशीन से अपना टेस्ट करवा लिया लेकिन कुछ लोगों को महिला के साथ गांव की एएनएम या स्वास्थ्य विभाग की ओर से कर्मचारी न होने पर संदेह हो गया, जिसके चलते किसी व्यक्ति ने अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में दी। मामला संज्ञान में आने के बाद सिविल सर्जन को जांच करने के निर्देश दिए। मामले की भनक लगने के बाद जांच कर रही महिला पंचायत घर से खिसक गई। सूचना के बाद पीएचसी खारियां के एमओआईसी डॉ. गुरविंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर महिला को गांव मेें एक घर में प्रोडक्ट बेचते हुए सरपंच प्रतिनिधि नरेश कुमार आदि की मौजूदगी में पूछताछ की। महिला नेे अपनी पहचान लुधियाना निवासी सपना के रूप में करवाते हुए बताया कि वह एक विदेशी कंपनी के हर्बल प्रोडक्ट बेचती है तथा मशीन द्वारा बीएमआई व आरएम टेस्ट करती है। टेस्ट की एवज में वह 100 रुपये की फीस लेती है। चिकित्सक ने जब उससे लाइसेंस मांगा तो उसने हर्बल कंपनी द्वारा उसके पति राजेंद्र सिंह के नाम जारी किया गया लाइसेंस दिखाया।
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वैसे तो टेस्ट फ्री है पर 100 रुपये लेते हैं
महिला के अनुसार वह यूएसए की एक हर्बल प्रोडक्ट कंपनी में काम करती है, जिसमें वह लोगों को विभिन्न रोगों के उपचार के लिए प्रोडक्ट बेचने के साथ-साथ मशीन द्वारा व्यक्ति का भार तोलकर शरीर से फैट, कैलोरी, बीएमआई, बीएफ, बॉडी ऐज और आरएम आदि का टेस्ट करती है। टेस्ट के बदले वह 100 रुपये की फीस लेती है। उसने बताया कि वैसे तो ये टेस्ट फ्री होता है लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए उसने 100 रुपये फीस रखी है। इसके अलावा प्रोडक्ट के पैसे अलग से लिए जाते हैं। बताया जा रहा है इन प्रोडक्ट में शेक, प्रोटीन पाउडर, ए-फ्रैश पाउडर, एक्टिवेट फाइवर, मल्टी विटामिन और सेल एक्टिवेट टेबलेट शामिल हैं। उधर, इस बारे एएनएम शकुंतला देवी का कहना है कि उसके पास गांव खाईशेरगढ़ का अतिरिक्त कार्यभार है। उसे इस बारे डॉ. गुरविंद्र सिंह ने ही फोन कर जानकारी दी। एएनएम के अनुसार उक्त महिला ने बीते दिन गांव पीरखेड़ा में भी अनाउंसमेंट करवाकर टेस्ट किए थे। गौरतलब हो कि गांव नुहियांवाली में भी टेस्ट के नाम पर पैसे लेने को लेकर कुछ दिन पूर्व काफी हंगामा हुआ था।
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विभाग ने नहीं दी कोई परमिशन
उन्हें सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। हमारे विभाग की ओर से टेस्ट करने या दवाइयां बेचने की कोई अनुमति नहीं दी गई। विभाग की ओर से गांव में लोगों को समय-समय पर नि:शुल्क चिकित्सा सेवा मुहैया करवाई जाती है। महिला का नाम पता दर्ज कर उसके पास मौजूद कुछ पाउडर आदि का सैंपल लिया गया है। जिसे विभाग को जांच के लिए भेजा जाएगा। पाउडर और दवाई में क्या साल्ट है और इसका शरीर पर क्या प्रभाव होता है ये तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
-डॉ. गुरविंद्र सिंह, पीएचसी खारिया।
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